March 7, 2021

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झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम-2011 के तहत तीन विभागों की 12 लोक प्रदायी सेवाओं को शामिल करने के प्रस्ताव को सीएम ने स्वीकृति दी

उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की नौ, ऊर्जा विभाग की दो और उद्योग विभाग की एक लोक प्रदायी सेवा को किया गया है शामिल

रांची:- मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की नौ, ऊर्जा विभाग की दो और उद्योग विभाग की एक लोक प्रदायी सेवा को झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम 2011 के तहत शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है । इन सेवाओं के लिए नाम निर्दिष्ट पदाधिकारी, प्रथम अपीलीय प्राधिकार, द्वितीय अपीलीय प्राधिकार और उनके लिए निर्धारित समय सीमा के प्रावधान का भी इस प्रस्ताव में उल्लेख है।

उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की 9 सेवाओं को किया गया है शामिल

उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की जिन सेवाओं को इसमें शामिल किया गया है, उसमे मॉल में खुदरा उत्पाद दुकान की अनुज्ञप्ति की स्वीकृति, मॉल में खुदरा उत्पाद दुकान की अनुज्ञप्ति का नवीकरण, माइक्रो ब्रिवरी की अनुज्ञप्ति की स्वीकृति, माइक्रो ब्रिवरी की अनुज्ञप्ति का नवीकरण, ब्रांड का निबंधन, ब्रांड का नवीकरण, एमआरपी कास निर्धारण, एमआरपी का पुनर्निर्धारण अथवा पुनरीक्षण और खुदरा थोक वितरकता एवं विनिर्माता अनुज्ञप्ति धारियों के लिए मदिरा के आयात निर्यात एवं परिवहन के लिए पारक शामिल है । इन सभी सेवाओं के नाम निर्दिष्ट पदाधिकारी संबंधित जिले के उपायुक्त होंगे, जबकि प्रथम अपीलीय प्राधिकार उत्पाद आयुक्त और द्वितीय अपीलीय प्राधिकार उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के सचिव होंगे।

उद्योग विभाग और ऊर्जा विभाग की ये सेवाएं शामिल

उद्योग विभाग के अंतर्गत निवेशकों के जिज्ञासा और पूछताछ का निष्पादन सेवा को झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम के तहत शामिल किया गया है। इसके नाम निर्दिष्ट पदाधिकारी , उपनिदेशक (निवेश प्रोत्साहन) होंगे, जबकि प्रथम अपीलीय प्राधिकार महाप्रबंधक, सिंगल विंडो सिस्टम और द्वितीय अपीलीय प्राधिकार निदेशक, उद्योग –सह- सिंगल विंडो सिस्टम होंगे ।
ऊर्जा विभाग की डीजी सेट अधिष्ठापन का नक्शा अनुमोदन और डीजी सेट अधिष्ठापन का निरीक्षण एवं अनुमति सेवाओं को झारखंड राज्य सेवा देने की गारंटी अधिनियम शामिल किया गया है । इन दोनों ही सेवाओं के नाम निर्दिष्ट पदाधिकारी विद्युत निरीक्षक होंगे, जबकि प्रथम अपीलीय प्राधिकार वरीय विद्युत निरीक्षक और द्वितीय अपीलीय प्राधिकार मुख्य विद्युत अभियंता- सह -मुख्य विद्युत निरीक्षक होंगे ।

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