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भुखमरी झेल रहे निजी सुरक्षा प्रभारी व ठेका मजदूरों को फिर से बहाल करे सीसीएल : लंबोदर महतो


विधायक की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने सीसीएल के सीएमडी से मिलकर की मांग
रांची:- गोमिया विधायक डॉ. लंबोदर महतो की अगुवाई में सीसीएल कथारा प्रक्षेत्र के विभिन्न कोलियरी एवं वाशरियों में काम से हटाए गए गए निजी सुरक्षा प्रभारियों एवं प्लांट क्लीनिंग ठेका सप्लाई मजदूरों के पुनः नियोजन करने को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल सीसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) पीएम प्रसाद से मिला।
दरभंगा हाउस में हुई इस मुलाकात में विधायक डॉ. लंबोदर महतो ने अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक का ध्यान निजी सुरक्षा प्रहरी और क्लीनिंग सप्लाई ठेका मजदूर की भूखमरी स्थिति के साथ-साथ सीसीएल को हो रही भारी आर्थिक क्षति से भी अवगत कराया। इस क्रम में प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को सौंपकर उनसे राष्ट्रहित, उद्योग हित व रोजगार हित का ध्यान रखकर इसको पूरा करने का आग्रह किया। मिलने आए प्रतिनिधिमंडल की मांगो एवं बातों को ध्यान पूर्वक सुनने के बाद अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक ने संतोषजनक व सकारात्मक कारवाई करने के प्रति आश्वस्त किया। अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को इस विषय से अवगत कराया गया कि सीसीएल कथारा प्रक्षेत्र के विभिन्न कोलियरी एवं वाशरियों में कुल 232 निजी सुरक्षा प्रहरी तथा कथरा वाशरी में 117 स्वांग वशरी में 42 प्लांट क्लीनिंग सप्लाई ठेका मजदूर नियमित रूप से वर्ष 1947- 98 से 2016-17 तक कार्यरत रह कर अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। तब कामगारों को सीएमपीएफ के सदस्य बनाए जाने के साथ-साथ उन्हें वोकेशनल ट्रेनिंग तथा हाई पावर अनुशंसा के तहत वेतन का भुगतान भी किया गया। सभी निजी सुरक्षा प्रहरी और ठेका मजदूर कोलियरी के आसपास विस्थापित भू अर्जन प्रभावित गरीब परिवार के सदस्य हैं। काफी कम वेतन और सुविधाओं के अभाव में जान जोखिम में डालकर सीसीएल की संपत्ति की रक्षा करते हुए कई सुरक्षा प्रहरी जैसे चंद्रिका गोप, मोहन गंझू , अमजद अंसारी, कुदुस अंसारी, कुलदीप सिंह चोरों एवं अपराधियों के हाथों मारे गए वहीं कई गार्ड जैसे तारा सिंह, बनेश्वर प्रजापति, शफीक अंसारी गंभीर रूप से घायल होकर हमेशा के लिए अपाहिज हो गए।जबकि काम से हटाए जाने के बाद आर्थिक तंगी और अवसाद से कई प्रहरी जैसे रघुनंदन राम, झूलन सिंह और ठेका मजदूर तथा शफायत अंसारी,अकल राणा और धनेश्वर कमार असमय मौत हो गई । प्रबंधन की गलत नीतियों, भ्रष्टाचार के कारण 18 नवंबर 2016 को स्वांग कोलियरी एवं वाशरी के 116 और 15 नवंबर 2017 को कथारा कोलियरी वाशरी एवं जारंडीह कोलियरी के 116 सुरक्षा प्रहरियों तथा 25 नवंबर 2016 को कथारा वाशरी के 117 और स्वांग वाशरी के 42 ठेका सप्लाई मजदूरों को बिना किसी पूर्व सूचना दिए मौखिक आदेश के तहत न केवल काम से हटा दिया गया बल्कि 117 ठेका मजदूरों को 5 महीने , 42 मजदूरों को 3 महीने और कथारा के 106 प्रहरियों को डेढ़ महीने का वेतन भुगतान भी नहीं किया गया। इनके रोजगार छीन लिए जाने के कारण न केवल करीब 400 परिवार भूखे मरने की हालत में पहुंच गए हैं बल्कि सीसीएल कोयला उद्योग एवं राष्ट्र को भी भारी क्षति हो रही है। अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को उदाहरण स्वरुप यह भी बताया गया कि प्रहरियों की भारी कमी से क्षेत्र में राष्ट्रीय संपत्ति की चोरी अभूतपूर्व रूप से बढ़ गई है। चूंकि लोकल प्रहरी ग्रामीण इलाके की भौगोलिक स्थिति से अवगत होते थे इसलिए चोरी पर अंकुश लगाने में सर्वाधिक सफल थे। यह जांच का विषय है कि प्रहरियों के कार्यकाल में 90 प्रतिशत चोरी गए संपत्ति की रिकवरी होती रही है। इसके लिए उन्हें समय-समय पर पुरस्कृत एवं प्रशस्ति पत्र भी दिए गए हैं। कथारा एवं स्वांग वाशरियों से प्लांट क्लीनिंग मजदूरों के हटाए जाने से वाशरियों के सप्लाई एवं रख रखाव का कार्य ठप पड़ गया है और दोनों वाशरियां जर्जर अवस्था में है। दो वर्ष पूर्व स्वांग वाशरी धराशायी होकर गिर पड़ा। दोनों वाशरियों का उत्पादन ग्राफ अचानक गिर जाने से सीसीएल को प्रतिवर्ष करोड़ों करोड़ों का नुकसान हो रहा है। चूंकि गार्ड एवं ठेका मजदूर विस्थापित लोग हैं, इसलिए प्रबंधन के खिलाफ विस्थापितों में भयंकर रोष व्याप्त होने के कारण कोई कोलीयरियों के उत्खनन क्षेत्र का विस्तार जमीन के अभाव में रुक गया है एवं वह बंद होने की कगार पर खड़ी है । प्रतिनिधिमंडल में संतोष कुमार आस, सुरेंद्र सिंह, मुर्शीद आलम, विनोद यादव, अनिल कुमार एवं
चंद्र कुमार बेसरा शामिल थे।

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