Category: धर्म एवं अध्यात्म

गुरु की पहचान उसका शिष्य होता है : हरीन्द्रानन्द

शिव आध्यात्मिक सभी विधाओं के परम ज्ञाता हैं। तंत्र के प्रणेता हैं, योगेश्वर हैं, महाकापालिक तथा महाभैरव हैं। गोरखनाथ के…

स्वागत है तुम्हारा नव अभ्यागत सामर्थ्य होगा तो तुम्हे अपना बनाएंगे : अनुनीता

चैत्र प्रतिपदा : नव वर्ष – नव उमंग,नवतरंग, नवजीवन। नववर्ष का आरंभ हो गया- याद रखें हमारा नववर्ष यानी भारतीयों…

समुद्र मंथन से प्राप्त कालकूट विष देवताओं के लिए मृत्यु का धारक था किंतु शिव ने सर्वहित में विषपान किया : हरीन्द्रानन्द

रांची:- यह जगत परमात्मा की इच्छा से सृष्ट है। मांडूक्योपनिषद् का कथन है – इच्छा मात्र प्रभो सृष्टि। उस इच्छामय…

कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर फिर से सभी तरह की शिव चर्चा स्थगित

रांची 5 जनवरी:- गत वर्ष कोरोना वायरस के कारण शिवचर्चा स्थगित की गयी थी परन्तु पुनः वायरस के बढ़ते प्रकोप…