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व्यय का लेखा-जोखा नहीं भरने पर उम्मीदवार 3 साल के लिए हो जाएंगे अयोग्य घोषित


रांची:- त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार चुनाव में भाग लेने वाले उम्मीदवारों को कई नई प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ेगा। पूर्व में आयोग ने जो आदेश जारी किया था, उनमें अब कई नए प्रविधानों को जोड़ा गया है। नए प्रविधान के अनुसार अभ्यर्थी यदि निर्वाचन व्यय का लेखा-जोखा आयोग को समर्पित नहीं करता है तो उसे तीन साल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयोग ने झारखंड पंचायती राज अधिनियम 2001 यथा संशोधित में आदेश झारखंड (पंचायत निर्वाचन व्यय का लेखा संधारण एवं प्रस्तुती) 2015 में अधिसूचित संलग्न प्रपत्र-दो की कंडिका-3 को विलोपित करते हुए नया संशोधित प्रपत्र-2 निर्गत कर संलग्न किया है। इस बार चुनाव लड़नेवाले उम्मीदवार को प्रतिदिन खर्च का ब्योरा आयोग को समर्पित करना होगा। ऐसा नहीं करने पर उन पर कार्रवाई हो सकती है। साथ ही आयोग ने स्पष्ट किया है कि खर्च सिर्फ अभ्यर्थी का नहीं बल्कि अभ्यर्थी के पक्ष में यदि कोई राजनीतिक दल, स्वयंसेवी संस्था या अन्य द्वारा भी राशि खर्च की गई हो तो उसका भी ब्योरा परिणाम के 30 दिनों के भीतर स्वयं अभ्यर्थी को आयोग कार्यालय को देना होगा।अब निर्वाचन खर्च के संबंध में निर्वाची पदाधिकारी द्वारा अभ्यर्थी को निर्गत किए जाने वाला नया प्रपत्र दिया गया है। इसके तहत किसी निर्वाचन में प्रत्येक अभ्यर्थी अपने निर्वाचन परिणाम की घोषणा की तिथि से 30 दिनों के अंदर जिला निर्वाचन पदाधिकारी पंचायत या निर्वाची पदाधिकारी के पास निर्वाचन व्यय की विवरणी समर्पित करेगा जो उसके द्वारा या उसके निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा रखी गई लेखा की सच्ची प्रति होगी। यदि कोई अभ्यर्थी निर्वाचन व्यय का लेखा दाखिल नहीं करता है या उस प्रक्रिया तथा समय-सीमा के अंतर्गत दाखिल नहीं करता है, तो झारखंड पंचायत राज अधिनियम के तहत राज्य निर्वाचन आयोग उसे तीन साल के लिए अयोग्य कर देगा।

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