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मल्चिंग खेती व ड्रिप सिंचाई की पद्धति से बंजर भूमि में फसल उगाकर किसानों ने बढ़ाई पैदावार व क्वालिटी, बन रहे हैं आत्मनिर्भर..


चतरा:- हौसले अगर बुलंद हो तो कुछ भी असंभव नहीं है। चतरा के किसानों ने कुछ ऐसा ही कमाल कर दिखाया है, जहां अपनी कड़ी मशक्कत के बदौलत बंजर जमीन में भी क्वालिटी के साथ फसल लहलहा रही है। दूसरी तरफ किसानों के इस हौसलों को कृषि विज्ञान केंद्र भी उड़ान दे रही है।
लॉकडाउन के बाद गांव के के मजदूर जब अपने गांव पहुंचे तो उनके रोजगार के साधन नहीं थे। किसानों ने अपनी सोच बदली और बदल डाली अपनी किस्मत।
चतरा जिला के कान्हाचट्टी प्रखंड के सवैयागड़ा गांव के किसानों ने बंजर जमीन में फसल लहलहा दी है। उनके इस कारनामे की तारीफ़ पूरे जिले में हो रही है। नई तकनीक व नई सोच के साथ खेती करके लोगों के लिए मिसाल बने हुए हैं। जिला मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर की दूरी पर कान्हाचट्टी प्रखंड के सवैयागड़ा गांव के किसान विनोद महतो ने यह कमाल कर दिखाया है। मल्चिंग खेती और ड्रिप पद्धति से सिंचाई ने फसलों को एक नई पहचान दी है।
पारंपरिक खेती को त्याग कर इस किसान ने बिल्कुल नई तकनीक के साथ खेती करना शुरू किया। सबसे पहले खेतों को चारों तरफ से घेरा ताकि नीलगाय व अन्य जानवरों से फसल बच सके। कृषि विज्ञान केंद्र के सहयोग से प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत ड्रिप पद्धति से फसलों पर सिंचाई करना शुरू किया व पारंपरिक कीटनाशक के साथ-साथ नई पद्धति से खेती शुरू की। आज उनके खेतों में खिरा गोभी, मिर्च, बोदी, टमाटर सहित अन्य फसल लहलहा रहे हैं। किसान विनोद महतो का कहना है कि मल्चिंग खेती, ड्रिप सिंचाई व समुचित देखभाल तथा कड़ी मेहनत से फसलों की अच्छी कीमत मिलती है। हालांकि उसने यही बताया कि आसपास के किसान भी स्थिति से प्रभावित हुए हैं।
दूसरे किसान भी मल्चिंग खेती कर अधिक आय व मुनाफा कमा रहे हैं। किसान हरेंद्र कुमार दांगी बताते हैं कि मल्चिंग खेती से खरपतवार कम होता है और बारिश होने पर भी फसल का नुकसान न के बराबर होता है। इसके अलावा फसल की क्वालिटी भी काफी अच्छी होती है और ऊँचे दामों पर बिकता है। किसानों ने कृषि विज्ञान केंद्र के द्वारा प्रशिक्षण लिया है और रांची के ओरमांझी जाकर इस प्रकार की खेती देख उससे प्रभावित होकर किसानों ने अपने गांव में इसी पद्धति से खेती शुरू की ।किसान बताते हैं कि पारंपरिक खेती से दोगुनी आय मल्चिंग खेती से होती है।
इधर कृषि विभाग के जिला कृषि पदाधिकारी अशोक सम्राट का कहना है कि खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करते हुए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत लाभ दिया जा रहा है। कहते हैं कि कृषि विभाग के अधिकारी खेतों पर जाकर उन्हें सुझाव देते हैं जिसका अनुपालन कर वे फसल की उपज काफी अच्छी तरह से कर रहे हैं।
चतरा जिला के किसानों के लिए यह एक नई सोच और अच्छी पहल है। एक और जहां यह नई तकनीक फसलों की क्वालिटी के साथ पैदावार बढ़ा रही है वहीं दूसरी ओर इनके मुनाफे में भी इजाफा हो रहा है। अब लोग बड़े शहरों में मजदूरी करने से बेहतर अपने गांव में आकर खेती करना ही बेहतर समझ रहे हैं

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