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दुर्गा पूजा के मद्देनज़र ब्रीफिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया


किशनगंज 11 अक्टूबर:- जिलाधिकारी डॉ आदित्य प्रकाश एवं पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष के द्वारा संयुक्त रूप से डीआरडीए स्थित रचना भवन सभागार में दुर्गा पूजा 2021 के अवसर पर जिलेभर में विधि व्यवस्था संधारण हेतु जिला, अनुमंडल, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ ब्रीफिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि दुर्गा पूजा के शुभ अवसर पर सभी लोग कोविड गाइडलाइन का पालन करना सुनिश्चित करेंगे । उन्होंने मुख्य रूप से कहा कि सभी आयोजनकर्त्ता अपने पंडाल में सैनिटाइजर का प्रयोग निश्चित रूप से करेंगे । सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे । मास्क का प्रयोग करेंगे ।यह पूजा समिति/आयोजक का दायित्व होगा कि पूजा पंडाल में कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन हो।इसमें प्रतिनियुक्त पुलिस कर्मी सहयोग करेंगे।जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष समाहरणालय में निर्बाध रूप से कार्यरत रहेगा,जिसके प्रभारी डीसीएलआर आफाक अहमद 8544412341 हैं ।इसका दूरभाष संख्या 06456225152 है। अस्थाई रूप से फल पट्टी में नियंत्रण कक्ष बनाया जाएगा,जिसके प्रभारी राशिद आलम, डीएलएओ 9801392972 हैं। 20 मुख्य स्थानों पर तेज तर्रार पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति मजिस्ट्रेट के रूप में की गई है। 4 गस्ती दल भी विभिन्न निर्धारित क्षेत्र में भ्रमणशील रहेंगे।
उन्होंने कहा कि डीजे पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा ।पूजा आयोजकों द्वारा ई दर्शन की व्यवस्था करने के लिए निर्देश दिया गया ,ताकि भीड़ भाड़ कम हो सके। आयोजक आरती या प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान को फेसबुक लाइव,ट्विटर या अन्य माध्यम से प्रसारित करने का प्रयास करेंगे।
सभी पंडालों में सीसीटीवी कैमरे की नजर में भीड़ भाड़ पर नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए ।
सभी प्रोसेशन एवं जुलूस का वीडियो ग्राफी हर हाल में सुनिश्चित की जाए ।
दुर्गा पूजा 2021 का अवसर पर मूर्ति विसर्जन के अवसर पर बिहार( पूजा के उपरांत मूर्ति विसर्जन प्रक्रिया) नियमावली 2021 का अक्षरशः अनुपालन करते हुए मूर्ति विसर्जन कराई जाए । मूर्ति के निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री ,ऊंचाई दिशा निर्देश के अनुरूप हो तथा पूजा पंडाल 40 फीट से अधिक ऊंचा नहीं हो,पूजा समिति इसे सुनिश्चित करवाएंगे। आयोजनकर्त्ता के द्वारा यह सुनिश्चित करवाया जाय कि विसर्जन जुलूस में 50 व्यक्तियों से अधिक श्रद्धालु नही हो,प्रतिमा विसर्जन नदी में नही किया जाय,चिन्हित तालाब आदि में तय रूट, तय समय 15 अक्टूबर को हो जाय।
जिलाधिकारी ने सभी प्रतिनियुक्ति दंडाधिकारी,पुलिस पदाधिकारी तथा बीडीओ, सीओ और एसएचओ को निर्देश दिया कि संप्रदायिक दृष्टिकोण से संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर सांप्रदायिक तनाव के मद्देनजर क्षेत्रों में विशेष रूप से चौकसी बरती जाए तथा सघन गश्ती करें ।सभी संप्रदाय के महत्वपूर्ण व्यक्तियों से सीधे संपर्क कर उनसे वार्ता की जाए तथा उनके साथ बैठकर शांति समिति की बैठक कर विधि व्यवस्था बनाए रखने में उनका सहयोग दिया जाए ।
इससे असामाजिक तत्वों को चिन्हित करने हेतु प्रशासन को मदद करने में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। चिन्हित क्षेत्रों में ऐसे तत्वों की पहचान की जाए ,जिनका पूर्व में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का इतिहास रहा हो । अफवाह फैलाने वालों व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय दंड विधान की धारा 153a, 505 के तहत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ये धाराएं संज्ञेय एवं गैर जमानतीय हैं ।इसी प्रकार सोशल मीडिया पर पर निगरानी रखें।
यदि कोई व्यक्ति दूसरे वर्ग या समुदाय के धर्म को अपमानित करने के उद्देश्य से धार्मिक स्थल का नुकसान अथवा अपवित्र या उनके धर्म अथवा धार्मिक मान्यता को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से भी जानबूझकर दुर्भावना से ग्रसित होकर कोई कार्य करता हो,
उसे कानूनी रूप से आयोजित धार्मिक अनुष्ठान या पूजा में बाधा पहुंचाता हो तो उनके विरुद्ध भारतीय दंड की धारा 153a, 295, 295a एवं 296a के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ।सामाजिक सद्भाव बनाये रखने एवं संप्रदायिक विद्वेष पैदा करने वाले तत्वों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं के अंतर्गत निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ।
पूजा पंडालों को दिए जाने वाले अनुज्ञप्ति में यह शर्त निश्चित रूप से रहे,कि कोई भी झांकी अथवा व्यंग चित्र सहित जुलूस, पंडाल में नहीं होगा । जिससे किसी संप्रदाय जाति, धर्म वर्ग अथवा समुदाय की भावना को ठेस पहुंचती हो ।पंचायत चुनाव के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन न हो ,सभी पुलिस पदाधिकारी सतर्क रहें।
इसके उल्लंघन की अवस्था में उन व्यक्तियों जिनके नाम से अनुज्ञप्ति जारी किया गया है के विरुद्ध विधि सम्मत कठोर कार्रवाई की जाए एवं सख्ती से इसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाए ।
मेला, सभा तथा जुलूस इत्यादि के लिए निर्देशित प्रावधानों के आलोक में बिहार पुलिस हस्तक 1978 के नियम 1346 से 1353 पर्व विशेष क्षेत्र एवं स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए ।
उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि आयोजक एवं शांति समिति के सदस्य अपने अपने क्षेत्रों में पूरी जिम्मेवारी के साथ शांतिपूर्वक दुर्गा पूजा संपन्न कराना सुनिश्चित करेंगे।
भीड़ भाड़ पर नियंत्रण हेतु नियंत्रण कक्ष की स्थापना, महिला/ पुरुष वोलेन्टियर्स के द्वारा मैनेजमेंट सुनिश्चित करेंगे ।
पूजा पंडाल में अग्नि सुरक्षा हेतु बालू ,पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे ।
शरारती तत्वों एवं असामाजिक तत्वों पर विशेष निगरानी हेतु संबंधित पंडाल के वॉलिंटियर्स तत्परता से उन्हें चिन्हित करना सुनिश्चित करेंगे, ताकि कोई भी व्यवधान होने से पूर्व उस पर रोक लगाई जा सके ।
दुर्गा पूजा के अवसर पर विधि व्यवस्था बनाए रखने एवं संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए निरोधात्मक कार्रवाई का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए ।
जिले की संप्रदाय घटनाओं की पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए पूर्ण सतर्कता बरती जाए ।
साथ ही संप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के उद्देश्य से बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष रूप से प्रभावी कार्रवाई की जाए ।
पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष ने कहा कि सभी पुलिस पदाधिकारी ससमय अपने साथ टैग किए गए मजिस्ट्रेट से संपर्क करेंगे।विधि व्यवस्था के दृष्टिकोण से निगरानी रखें ।साइबर सेनानी ग्रुप के माध्यम से सोशल मीडिया को मॉनिटर करें।यह सुनिश्चित कराएं कि पंचायत चुनाव के आलोक में कोई लोभ,प्रलोभन,अफवाह में आकर पूजा पंडाल या अन्य स्थान पर अव्यवस्था नही फैलाएं।ऐसे लोगो पर तुरंत कार्रवाई हेतु वरीय पदाधिकारी को सूचित कर कार्य करें।पूजा पंडाल में अग्निशमन, कोविड प्रोटोकॉल अनुपालन हेतु पूजा समिति/ आयोजक के साथ समन्वय बनाएं।
डीएम व एसपी ने सभी प्रशासनिक पदाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों समेत जिलावासियों को दुर्गा पूजा,दशहरा की बधाइयां एवं शुभकामनाएं दी ।
इस अवसर पर अपर समाहर्त्ता, पुलिस उपाधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी ,सभी मजिस्ट्रेट,अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी,बीडीओ, सीओ, सभी थानाध्यक्ष, प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारी आदि उपस्थित थे ।

संवाददाता सुबोध

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