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झारखंड के सभी 260 प्रखण्डों में आजसू पार्टी का प्रखंडस्तरीय सम्मेलन संपन्न

रांची:- सामाजिक न्याय और विकास के संकल्प के साथ गुरुवार को झारखंड के सभी 260 प्रखण्डों में आजसू पार्टी का प्रखंडस्तरीय सम्मेलन संपन्न हुआ। इस दौरान झारखंड के कोने-कोने में आजसू पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने जनता की आवाज़ बनने का संकल्प लिया और राज्य सरकार की वादाखिलाफी को जनता के बीच लाने का प्रण लिया। ज्ञात हो कि आजसू पार्टी पूरे झारखंड में संगठन का विस्तार कर रही है और इसी क्रम में आज राज्य के सभी प्रखंड में प्रखंड कमिटी का गठन किया गया, सभी अनुषंगी इकाईयों के प्रभारी नियुक्त किए गए तथा पूरे राज्य से 26000 सक्रिय सदस्य बनाये गए। आजसू पार्टी के प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रखण्ड सम्मेलन में आजसू पार्टी के सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने नए जोश, नयी ऊर्जा के साथ संगठन को और सुदृढ करने तथा वर्तमान सरकार की ग़लत नीतियों के विरुद्ध आंदोलन करने को लेकर रुपरेखा तैयार किया। बैठक में सभी पदाधिकारियों ने स्वयं की भागीदारी सुनिश्चित करने का भी संकल्प लिया।
उन्होंने कहा कि प्रखण्ड सम्मेलन के दौरान सभी सदस्यों ने आजसू पार्टी के भावी कार्यक्रमों एवं झारखंड सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ आंदोलन को सफल बनाने को लेकर चर्चा की। आजसू पार्टी निर्मल महतो के शहादत दिवस से एक नए उलगुलान की शुरुआत करेगी। इसके तहत 8 अगस्त से आजसू पार्टी पूरे झारखंड में सामाजिक न्याय मार्च की शुरुआत कर रही है। आजसू पार्टी आंदोलनकारी पार्टी है, यह संघर्ष से उपजी हुई पार्टी है और विपक्ष का दायित्व निभाना भी अच्छे से जानती है। कोरोना को चादर ओढ़कर सरकार ने डेढ़ साल तक अपनी नाकामियों को छिपाने का काम किया है लेकिन आजसू पार्टी इस सरकार की नाकामियों को अब जनता के बीच लाएगी क्योंकि अगर विपक्ष चुप रहा तो सरकार बेलगाम हो जाएगी। राज्य और राज्य की जनता के साथ हो रहे धोखे तथा खनिजों की तस्करी को रोकने तथा झारखंड के मूल्यों एवं यहाँ की संस्कृति के संरक्षण के लिए आजसू पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कमर कस ली है। इसी क्रम में आजसू पार्टी के कार्यकर्ता आरक्षण, स्थानीयता, बेरोज़गारी, शिक्षा एवं संसाधनों के दोहन के खिलाफ 8 अगस्त से झारखंड के हर कोने में मोर्चा खोलेंगे।
डॉ भगत ने कहा कि वर्तमान सरकार खुद को आदिवासियों का हितैषी कहती है जबकि उनके डेढ़ साल के कार्यकाल में सबसे अधिक शोषित आदिवासी ही हो रहें। आदिवासी हितों के साथ हो रहे खिलवाड़ के खिलाफ आजसू पार्टी आदिवासी दिवस यानी 9 अगस्त को झामुमो महागठबंधन सरकार को आइना दिखाने का काम करेगी।आगामी 15 सितंबर को पूरे राज्य में होनेवाले जिला सम्मेलन को लेकर आजसू पार्टी ने तैयारी शुरु कर दी है। प्रखण्ड सम्मेलन के दौरान कोरोना से मरनेवालों के परिवार को उनका हक और अधिकार दिलाने के आजसू पार्टी के मुहिम की शुरुआत हो गयी। आजसू पार्टी कोरोना से जान गँवाने वालों का प्रखण्डवार सर्वेक्षण का कार्य कर रही है। सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण होते ही इन परिवारों को न्याय दिलाने के लिए आजसू पार्टी आंदोलन करेगी।

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