June 21, 2021

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

जनहित के मुद्दे पर भाजपा राजनीतिक बयानबाजी ना करें और सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाये : कांग्रेस

रांची:- झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव और डॉ0 राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आदिवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए टीएसी नियमावली में बदलाव किया गया है और यह आने वाले समय में आदिवासियों-मूलवासियों के विकास को एक नयी दशा और दिशा प्रदान करेगा। जनहित के इस मुद्दे पर भाजपा राजनीतिक बयानबाजी ना करें और सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाते हुए राज्य के विकास में सहयोग करें।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि झारखंड पांचवी अनुसूची क्षेत्र में शामिल है, भारत के संविधान के माध्यम से राज्यपाल को बहुत सारे आधिकार दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि जहां तक टीएसी का मामला मामला है, तो इसका गठन आदिवासियों के हितों की रक्षा को लेकर किया गया है। टीएसी की नियमावली में 1958 से लेकर अब तक कोई संशोधन नहीं किया गया था , लेकिन समय और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा इसमें संशोधन का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भारत के संविधान में भी कई संशोधन हुए, तो क्या राष्ट्रपति का अवमानना हो गया, लोकतांत्रिक शासन प्रणाली में सरकार जनहित को ध्यान में रख कर फैसला लेती है, इसलिए भाजपा का यह विरोध सिर्फ राजनीतिक स्टंट है, कल ही नियमावली में संशोधन को लेकर अधिसूचना जारी हुई और आज विरोध शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि टीएसी में संशोधन और पुनर्गठन की मांग आदिवासी समुदाय की ओर से लंबे समय से की जा रही थी।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता लाल किशोरनाथ शाहदेव ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व वाली केंद्र और राज्य सरकार हमेशा से आदिवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए काम करती आ रही है। वर्ष 2013 में भी आदिवासियों और किसानों की जमीन को सुरक्षित करने के लिए केंद्र की तत्कालीन यूपीए सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण कानून 2013 लाया गया, लेकिन केंद्र में सरकार बनते ही भाजपा नेताओं ने इसमें संशोधन का प्रयास शुरू कर दिया, लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और सभी के प्रयास से भाजपा यह साजिश में सफल नहीं हो सकी।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ0 राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि भाजपा यदि टीएसी नियमावली में आवश्यक संशोधन का विरोध करती है, तो उन्हें आदिवासी समाज के आक्रोश सामना, करना पड़ेगा। वर्ष 2019 के चुनाव में ही एसटी के लिए सुरक्षित लगभग सभी सीटों पर भाजपा समाप्त हो चुकी है और इसी तरह से आदिवासी समुदाय के विरोध में भाजपा विरोध करती रही, तो आने वाले समय में पूरे झारखंड से उनका सफाया होना तय है।

Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
%d bloggers like this: