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भाजपा विधायक विरंची नारायण अपनी ही पार्टी के सदस्यों का झेलना पड़ा विरोध


भाजपा के हंगामे के साथ झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्र प्रारंभ
रांची:- झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र की शुरुआत आज भाजपा विधायकों के शोर-शराबे और हंगामे के साथ हुआ। मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से सदन में भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा नहीं दिये जाने का मसला शोक प्रस्ताव के दौरान उठाया गया। वहीं जब शोक प्रस्ताव पर पार्टी की ओर से भाजपा विधायक विरंची नारायण अपनी बात रखी जा रही थी, तो भाजपा के ही मनीष जायसवाल द्वारा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि जब पार्टी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी सभा में उपस्थित है, तो उन्हें ही शोक प्रस्ताव पर अपनी बात रखने का अवसर दिया जाना था। भाजपा के कई अन्य सदस्यों द्वारा इसका समर्थन किया गया। पार्टी विधायकों द्वारा विरोध किये जाने पर विरंची नारायण अपने स्थान पर बैठ गये और वे शोक प्रस्ताव पूरा नहीं पढ़ पाए। बाद में स्पीकार द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसे पढ़ा हुआ मान लिया जाए।
वैश्विक महामारी में हर किसी ने अपने को खोया
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने पर स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने अपने प्रारंभिक संबोधन में कहा कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बाद आज पहली बार सभी एकत्र हो रहे है और इस विभिषिका में हर किसी ने अपने को खोया है। इस महामारी का भय अब तक खत्म नहीं हुआ है, परंतु अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए यहां एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत अगस्त क्रांति दिवस की 79वीं वर्षगांठ मना रहा है, यह दिवस सभी को महात्मा गांधी के आदर्शां और भारत की आजादी में बलिदान देने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों के शौर्य गाथा को मान देने का है। सभी को सदन में स्थापित लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं को मान देना होगा। झारखंड की जनता ने जिस उम्मीद और आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए सदन में भेजा है, उनकी उम्मीद और विश्वास पर सभी को खरा उतरना होगा।
कार्यमंत्रणा समिति व पीठासीन पदाधिकारियों का मनोनयन
स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने मॉनसून सत्र के लिए पीठासीन पदाधिकारियों और कार्यमंत्रणा समिति के गठन भी घोषणा की गयी।
दिवंगत आत्माओं को दी गयी श्रद्धांजलि
मॉनसून सत्र के पहले दिन पिछले सत्र से अब तक की अवधि में दिवंगत होने वाले कई महत्वपूर्ण राजनेता, साहित्यकर, पर्यावरणविद और खिलाड़ियों को याद किया गया। वहीं कोरोना काल में निधन हो पत्रकारों, बुद्धिजीवियों और अन्य लोगों के निधन पर भी शोक किया। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरे, भाजपा विधायक विरंची नारायण, कांग्रेस विधायक दल के नेता सह संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम, श्रम मंत्री सह राजद विधायक दल के नेता सत्यानंद भोक्ता, आजसू पार्टी के सुदेश महतो, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के कमलेश कुमार सिंह, भाकपा-माले के विनोद कुमार सिंह, निर्दलीय विधायक सरयू राय और अमित कुमार ने भी शोक संवेदना व्यक्त किया। अंत में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए कुछ पलों के लिए मौन रखने के बाद सभा की कार्यवाही सोमवार 6 सितंबर पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

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