January 18, 2021

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बिहार चुनाव: कामरान की जीत ने बदला गोबिंदपुर विधानसभा क्षेत्र की 40 वर्षों का इतिहास

नवादा:- बिहार विधानसभा चुनाव में नवादा जिले के गोविन्दपुर विधानसभा के वोटरों ने इतिहास रच डाला।चार दशक तक एक ही परिवार को सत्तासीन करती गोविन्दपुर के मतदाताओं ने बड़ा बदलाव किया और महागठबंधन से राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी रहे मो. कामरान को अपना विधायक चुना है।

मतदान के बाद से ही मो. कामरान के जीत को लेकर कयास लगना शुरू हो गया था, जो मतगणना के दिन वास्तविक परिणाम में परिणत हो गया। मतगणना के पहले राउंड से ही मो. कामरान एनडीए प्रत्याशी पूर्णिमा यादव पर बढ़त बनाए थे। पहले वोटों का अंतर कम रहा, लेकिन दिन चढ़ने के साथ वोटों का अंतर भी बढ़ता गया। 35 राउंड तक वोटों की गिनती चली, एक भी राउंड में राजद प्रत्याशी एनडीए की प्रत्याशी से पीछे नहीं हुए। 10वें राउंड तक मो. कामरान और पूर्णिमा यादव में वोटों का अंतर 10306 रहा। बीसवें राउंड में राजद प्रत्याशी 23619 मतों से अपने प्रतिद्वंद्वी से आगे चल रहे थे। 30 राउंड में यह अंतर 30 हजार मतों के पार चला गया और अंततः मो. कामरान ने 32836 वोटों से सीटिंग एमएलए पूर्णिमा यादव को मात दी।कामरान को 79019 मत प्राप्त हुए, तो पूर्णिमा यादव को 46243 वोट मिले हैं। गोविन्दपुर विधानसभा से 15 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। लोक जनशक्ति पार्टी के उम्मीदवार रंजीत यादव को जनता का साथ नहीं मिल सका और उन्हें मात्र 16046 वोट ही मिले। अन्य सभी प्रत्याशियों पर नोटा भारी पड़ा और मतों की गणना के बाद चौथे नंबर पर रहा। नोटा के खाते में 4650 मत पड़े हैं। अन्य प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई। हालांकि गोविन्दपुर के मतदाता चुनाव पूर्व से ही बदलाव का मूड बना चुके थे। अंतिम दौर में कौशल यादव की माता और पूर्व मंत्री गायत्री देवी भी मतदाताओं को रिझाने चुनाव मैदान में उतरीं, लेकिन कुछ भी काम नहीं आ सका। इसके पूर्व विधायक रही पूर्णिमा यादव के ससुर , सास, पति कौशल यादव व स्वयं पूर्णिमा यादव सभी की जनता ने 40 वर्षों तक इस विधानसभा का विधायक बना कर रखा। कामरान की जीत ने 40 साल पुरानी इतिहास बदलकर रख दी है।

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