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बिहार उपचुनावः दो सीटों पर फतह पाने के लिए ‘तेज’ चाल में राजद, झोंक दी पूरी ताकत

बिहार उपचुनावः दो सीटों पर फतह पाने के लिए ‘तेज’ चाल में राजद, झोंक दी पूरी ताकत
पटना:- बिहार में तारापुर और कुशेश्वरस्थान उपचुनाव विधानसभा सीट पर 30 अक्टूबर को वोटिंग होनी है. ये उपचुनाव बिहार में इस बार कुछ ज्यादा ही महत्वपूर्ण नजर आ रहा है. राष्ट्रीय जनता दल ने खास तौर पर इसके लिए पूरी ताकत झोंक दी है. राजद ने यह दावा किया है कि जो काम पिछले साल नवंबर में नहीं हो पाया इस साल नवंबर में हम कर दिखाएंगे.
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में एनडीए को 125 सीटें, जबकि महागठबंधन को 110 सीटें मिली. इसके अलावा लोजपा एक, बसपा एक, निर्दलीय एक और 5 सीटों पर एआईएमआईएम की जीत हुई. 10 नवंबर 2020 को जब विधानसभा चुनाव के नतीजे आए, उसके बाद राष्ट्रीय जनता दल ने नतीजों पर सवाल उठाए. सवाल इस बात को लेकर उठाए कि कई विधानसभा सीटों पर राजद के उम्मीदवारों को कुछ मार्जिन से हराया गया. नतीजे घोषित करने में देर की गई और पोस्टल बैलट की गिनती कई जगहों पर नहीं की गई. इसे लेकर चुनाव आयोग में शिकायत भी राजद ने दर्ज कराई थी.
चुनाव नतीजों के बाद जब सरकार बनी, उसके बाद बसपा और लोजपा के एक-एक विधायक जदयू में शामिल हो गए. जबकि निर्दलीय चुनाव जीतने वाले सुमित सिंह ने एनडीए सरकार को समर्थन दिया. जदयू के पास फिलहाल 43 विधायक हैं. दो विधायकों की मौत के बाद उनका आंकड़ा 41 तक पहुंच गया था, लेकिन बसपा और लोजपा के विधायक जदयू में शामिल हो गए, जिससे उनका आंकड़ा फिर से 43 हो गया.
बिहार में एनडीए की सरकार एक बार फिर बनी. लेकिन यह साफ तौर पर नजर आया कि महागठबंधन और एनडीए के बीच का फासला बहुत ज्यादा नहीं था. राजद नेता यह मानते हैं कि जनता का जनादेश तो हमारे पक्ष में था.

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