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भोजपुरी, मगही, अंगिका भाषाओं को भी शामिल किया जाना चाहिए : राजीव रंजन


रांची:- कल कैबिनेट से झारखण्ड राज्य कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं के लिए कुल 12 क्षेत्रीय जनजातीय भाषाओं को चिन्हित कर स्वीकृति दी गई जो स्वागतयोग्य है परंतु पलामू प्रमंडल उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के अंतर्गत कोडरमा हजारीबाग चतरा बोकारो धनबाद संथाल परगना के साहेबगंज गोड्डा देवघर जिले में प्रमुखता से उपयोग किये जाने वाले भोजपुरी मगही अंगिका भाषाओं को भी जेपीएसएससी में शामिल किया जाना चाहिए उक्त बातें प्रतिक्रियास्वरूप झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने प्रेस वक्तव्य जारी करते हुए कहा । राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि उक्त भाषाओं को शामिल नहीं करने पर उपरोक्त जिलों के छात्रों को चयन में समान अवसर नहीं प्राप्त हो सकेगा । पलामू प्रमंडल उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल एवं संथाल परगना प्रमंडल के अभ्यर्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए क्षेत्रीय भाषाओं की सूची में मगही भोजपुरी अंगिका को शामिल करना उचित होगा ।
निर्णयोपरांत जब झारखण्ड राज्य कर्मचारि चयन आयोग की परीक्षाओं में सिर्फ झारखण्ड राज्य से मैट्रिक एवं इंटर पास अभ्यर्थी हीं शामिल हो सकते हैं ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि सभी झारखण्डवासी छात्रों को नियुक्तियों में पात्रता का अवसर प्राप्त हो । साथ ही साथ क्षेत्रीय भाषाओं की पढ़ाई पर भी आगे से राज्य में उचित व्यवस्था सुनिश्चित हो ।
राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि अभीतक क्षेत्रीय भाषाओं की अनिवार्यता नहीं नही होने के कारण अधिकांश छात्रों ने हिन्दी भाषा में पढ़ाई की है इसलिए सरकार से यह आग्रह रहेगा कि वर्षों के बाद अभ्यर्थियों को अवसर प्राप्त होनेवाला है ऐसे में राज्य कोई छात्र इससे वंचित न रह जाए ।

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