भागलपूर जिला के कहलगाँव प्रखण्ड के लक्ष्मीपुर बाभनिया पंचायत में शिव गुरू चर्चा का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम का आयोजन महेश्वर शिव के गुरू स्वरूप से एक-एक व्यक्ति का शिष्य के रूप में जुड़ाव हो सके इसी बात को सुनाने और समझाने के निमित्त किया गया।

भागलपुर से आये रामनाराण शर्मा ने कहा कि शिव केवल नाम के नहीं अपितु काम के गुरू हैं। शिव के औढरदानी स्वरूप से धन, धान्य, संतान, सम्पदा आदि प्राप्त करने का व्यापक प्रचलन है तो उनके गुरू स्वरूप से ज्ञान भी क्यों नहीं प्राप्त किया जाय? किसी संपत्ति या संपदा का उपयोग ज्ञान के अभाव में घातक हो सकता है।

इस आयोजन में कहलगाँव प्रखण्ड के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 200 लोग उपस्थित थे। जिसमें भोला शर्मा, उदय, सुरेन्द्र, सुमन एवं अमन ने भी अपने अपने विचार रखे।

Leave a Reply

%d bloggers like this: