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ऑटो मैकेनिकों को प्रशिक्षित करने की शुरूआत


नयी दिल्ली:- ऑटो मैकेनिकों को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से मैकेनिक टीवी ने ऑटोमोटिव स्किल डेवलपमेंट कौंसिल और वाहनों की सर्विसिंग की ट्रेनिंग देने वाले कुछ अन्य संगठनों के साथ साझेदारी कर अपने प्लेटफॉर्म पर पाठ्यक्रम शुरू किया है। मैकेनिक टीवी के संस्थापक मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजीव राधाकृष्णन ने यह घोषणा करते हुये कहा कि इस पाठ्यक्रम के लिए उनका प्लेटफॉर्म शुल्क भी लेगा और मैकेनिकों को पाठ्यक्रम पूरा करने पर प्रमाणपत्र भी दिया जायेगा जायेगा ताकि वे अपने ग्राहकों को यह विश्वास दिला सकेंगे कि उन्होंने पेशेवर प्रशिक्षण ली हुयी है और उन्हें वाहनों की सर्विसिंग की पूरी जानकारी है। उन्होंने कहा कि मैकेनिक टीवी अप्रैल 2020 में शुरू किया गया था। उससे पहले सात वर्षाें तक उनका कारोबार ऑटो सर्विसिंग का था। हम लोग इस इंडस्ट्री में अनोखे है, जो ऑटो पार्ट्स, तेल, टायर, बैटरियां इत्यादि बनाने वाली कंपनियों के लिए, टेक्नोलॉजी की मदद से मैकेनिक और वर्कशॉप की मार्केटिंग करते है। इन कंपनियों के लिए कोई भी प्रोग्राम करने के लिए मैकेनिक के साथ ही काम करना होता है। इन मैकेनिक के साथ काम करने पर ये हमें समझ आया कि जो मैकेनिक किसी प्रमाणित शोरूम के सर्विस सेंटर में काम करते हैं उन्हें तो गाडी निर्माता नई टेक्नोलॉजी वाली गाड़ियों की ट्रेनिंग दिलवा देती है लेकिन जो मैकेनिक खुले बाजार के वर्कशॉप या गैरेज में काम कर रहे है उन्हें मुश्किल से कोई ट्रेनिंग मिल पाती है। उन्होंने कहा कि हकीकत यह है कि 85 प्रतिशत दोपहिया वाहनों की सर्विसिंग खुले बाजार में होती है। इसी तरह से 50 फीसदी कारों की सर्विसिंग भी बाहर होती है। देश में करीब 10 लाख लोग इस पेशे में काम करते है और इनको तकनीकी ट्रेनिंग देने की ज़िम्मेदारी कोई नहीं उठाते हैं। अगर कभी प्रशिक्षण देते भी हैं तो वह एक तरह से एक सौदा होता है, जिसमे मैकेनिक को कुछ समय तक उस कंपनी का उतना माल खरीदना होता है जिसके बदले उनको ट्रेनिंग दी जाती है। उन्होंने कहा कि बीएस6 और अब इलेक्ट्रिक वाहनों के बाजार में आने से मैकेनिकों के समक्ष एक साथ कई तरह के वाहनों के बारे में जानकारी हासिल करने की चुनौती आ गयी। उनकी कंपनी इसी को ध्यान में रखते हुये मैकेनिकों को प्रशिक्षित करने का काम शुरू किया है। मैकेनिक टीवी शुरू करने का हमारा सीधा उद्वेश्य यह था कि भारत के छोटे से छोटे गांव और बड़े से बड़े शहर में इंडिपेंडेंट वर्कशॉप चलाने वाले मैकेनिक को नई टेक्नोलॉजी सीखने मिले और वह अपने काम से अपने कस्टमर को संतुष्ट कर पाए। श्री राधाकृष्णन ने कहा कि अभी हमारे एप्लीकेशन के 45000 डाउनलोड हो चुके है और हमारे एप्लीकेशन में मैकेनिक लोग गाड़ियों की नवीन टेक्नोलॉजी के बारे में वीडियो के ज़रिये जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह सभी मैकेनिकों के लिए फ्री है। मैकेनिक टीवी पर 70 प्रतिशत मैकेनिक दोपहिया वाहन पर काम करने वाले हैं और बाकी कार या अन्य गाड़ियों की। इनमें से ज्यादातर वर्कशॉप के मालिक है या प्रमुख मैकेनिक है।

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