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पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक-से-अधिक कार्य करने की ओर ध्यान देना होगा : राज्यपाल

इग्नू की ओर से स्नातकोत्तर (कला) में पर्यावरण एवं व्यावसायिक स्वास्थ्य कार्यक्रम



रांची:- राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण ग्लेशियर पिघल रहे हैं, इससे फसल चक्र के अनियमित होने की संभावना है और कृषि उत्पादन पर असर पड़ना स्वाभाविक है। इस ओर भी हम सभी को चिन्तन करने की जरूरत है। सभी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक-से-अधिक कार्य करने की ओर ध्यान देना होगा। राज्यपाल आज इग्नू द्वारा स्नातकोत्तर (कला) में पर्यावरण एवं व्यावसायिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल ने कहा कि सब जानते हैं कि पर्यावरण प्रदूषण से आज समस्त विश्व चिंतित हैं और पर्यावरण सुरक्षा आज विश्व के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। आज हमें यह देखने की नितांत जरूरत है कि हम किस प्रकार अपने पर्यावरण की रक्षा करते हुए विकास का मार्ग अपना सकते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण असंतुलन के कारण बेमौसम अतिवृष्टि, अनावृष्टि, सूखा, बाढ़ में वृद्धि हो रही है, जिसके कारण करोड़ो लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि यह कार्यक्रम पर्यावरण और व्यावसायिक स्वास्थ्य के मिशन के अनुरूप है जो शिक्षा, अनुसंधान और सेवा के माध्यम से पर्यावरण और व्यावसायिक एक्सपोजर से रासायनिक और जैविक जैसे दूषित पदार्थो द्वारा उत्पन्न मानव स्वास्थ्य पर हो रहे प्रतिकूल प्रभावों को कम करना और रोकना है। उन्होंने कहा कि मानव गतिविधियों, पर्यावरण व्यवसाय और सार्वजनिक स्वास्थ्य के अंतरसंबंध के संदर्भ में पर्यावरण और व्यावसायिक स्वास्थ्य को परिभाषित करने की भी आवश्यकता है। कार्य स्थलों पर क्या-क्या संभावित खतरे हो सकते हैं, इसको भी देखने की जरुरत है।
राज्यपाल ने कहा कि श्रमिकों, संपत्ति, पर्यावरण और आम जनता के लिए उत्पन्न खतरों को रोकने के लिए आप लोग क्या बेहतर रणनीतियाँ अपना सकते हैं, इस पर भी आपको ध्यान देने की आवश्यकता है। संभावित खतरों के लिए परीक्षण और रोग फैलने के बारे में जानकारी वितरित करना और कार्य स्थल पर पर्यावरण की वस्तुस्थिति से अवगत होकर विश्लेषण करने की विधि की रूपरेखा तैयार करने की आवश्यकता है।
राज्यपाल ने कहा कि फिर आपके संस्थान को औद्योगिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की व्याख्या भी करनी चाहिए। यह कार्यक्रम विशेष रूप से आम जनता और औद्योगिक कामगार को सैद्धांतिक समझ और हस्तांतरणीय कौशल प्रदान करता है और करेगा, ऐसा मेरा मानना है।

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