January 19, 2021

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दलित विरोधी सरकार में अनुसूचित जाति समुदाय पर बढ़ा अत्याचार -अमर बाउरी

बीजेपी कार्यकर्त्ताओं ने राजभवन के समक्ष धरना दिया

रांची:- भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के बैनर तले पार्टी नेताओं और कार्यकर्त्ताओं ने आज राजभवन के समक्ष एकदिवसीय धरना दिया। बाद में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेष अध्यक्ष सह विधाय अमर बाउरी के नेतृत्व में पार्टी के नेताओं के एक षिष्टमंडल ने राजभवन जाकर राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को विभिन्न विषयों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा।
अमर बाउरी ने कहा कि अभी तो यह अंगड़ाई है, बाकी अभी लड़ाई है। जब राज्य के 50 लाख अनुसूचित समाज के लोग अपने हक और अधिकार के लिए एक जुट हो जाएंगे तो रांची के मोरहाबादी मैदान और होटवार जेल भी राज्य सरकार के लोए छोटा पड़ जाएगा। वे मंगलवार को राजभवन के समक्ष राज्य में दलितों की उपेक्षा, शोषण, ठंढ एवं भूख से लगातार हो रही मौत एवं अत्याचार के खिलाफ राजभवन के समक्ष आयोजित धरना में लोगों को संबोधित कर रहे थे। मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य में 12.9 प्रतिशत आबादी अनुसूचित समाज की है और जब से महागठबंधन वाली हेमंत सरकार का गठन हुआ है तब से दलितों पर अत्याचार की घटना बढ़ गयी है।

उन्होंने कहा कि बोकारो जिला के कसमार में भूखल घासी की भूख से मौत हो गई। लेकिन सरकार सिर्फ आश्वाशन देती रही। मदद के नाम पर एक रुपया भी पीड़ित परिवार को नही दिया गया। वहीं भूखल घासी के परिवार के दो सदस्यों की मौत भी भूखल घासी की मौत के मात्र छः महीने के अंदर हो गयी। बावजूद इसके सरकार की और से कोई मुआवजा पीड़ित परिवार को नहीं मिला। और ना ही किसी मंत्री या अधिकारी ने कोई सुध ली।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 के शुरू होते ही राज्य में ठंढ से मौत का सिलसिला शुरू हो गया। बोकारों जिला के नावाडीह और गुमला जिला के पालकोट में एक एल दलित व्यक्ति की ठंड से मौत हो गई। लेकिन सरकारी खजाने से एक रुपया भी मुआवजा के तौर पर पीड़ित परिवार को नही मिला। यहां तक कि राज्य के दलित गरीब जनता को इस कड़ाके की ठंढ में कम्बल तक राज्य सरकार के तरफ से नसीब नही हुआ। अपने संबोधन में उन्होंनेकहा कि सरकार 10 एसटी के छात्रों को विदेश भेज रही है। मैं इस योजना का स्वागत करता हूँ। लेकिन सरकार से पूछना चाहता हूं कि अनुसूचित समाज के बच्चों ने सरकार का क्या बिगाड़ा है, जिन्हें पढ़ने के लिए विदेश नही भेजा जा रहा। उन्होंने मंच के माध्यम से सरकार से मांग किया कि अनुसूचित समाज के भी 10 छात्र छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजा जाए। उन्होंने कहा कि राज्य के अनुसूचित जाति के लोगों को सरकार जाति, आय एवं आवासीय प्रमाणपत्र निर्गत नही कर रही है। उन्होंने मांग किया कि राज्य सरकार अनुसूचित जाति के लोगों को जाति, आय एव आवासीय प्रमाण पत्र एक तय समय के अंदर बनाने की प्रकिया अविलंब लागू करे। वहीं राज्य भर के सफाई कर्मियों को राज्य सरकार सातवां वेतनमान के साथ नियमित करे, विभिन्न विभागों में कार्यरत अनुसूचित समाज के कर्मचारियों के पदोन्नति में आ रही विसंगतियों को दूर करे। उन्होंने राज्य की वर्तमान स्थिति पर कहा कि हेमंत सरकार के राज में हमारी माँ, बहन और बेटी असुरक्षित है। आये दिन उनके साथ कुकृत्य हो रही है और पुलिस प्रशासन मूक दर्शक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई ज्वलंत मुद्दे है जिसे लेकर आज राजभवन के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया गया है। लेकिन सरकार इस धरना को हल्के में न ले, अगर समय रहते सरकार नही संभलती है तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने मंच के माध्यम से राज्य के सभी दलितों से आग्रह किया कि वे संगठित हो और अपने हक और अधिकार की लड़ाई में भागीदार बने।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित समाज को डरने की जरूरत नही है, उनकी हर लड़ाई में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा मजबूती के साथ खड़ी है। मौके पर हटिया विधायक नवीन जयसवाल ने कहा कि राज्य में विधि व्यवस्था बिगड़ गयी है। एक बलात्कार की घटना का उद्भेदन करने में पुलिस को हफ्ते लग रहे है और राज्य सरकार के तरफ से घटना के विषय मे कोई जिम्मेदारी नही ली जा रही है। उन्होंने कहा कि सदियों से अनुसूचित जाति समाज को दबाया गया है, उन्हें अधिकारों से वंचित किया गया है। लेकिन अब समय बदल गया है। अनुसूचित जाति समाज के समर्थन और उनके उत्थान के लिए केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा मजबूती के साथ खड़ी है। अनुसूचित समाज को अब डरने या घबराने की जरूरत नही है, भाजपा परिवार उन्हें हर हक अधिकार के लिए किसी भी लड़ाई को लड़ने के लिए तैयार है।

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