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24 साल की उम्र में खिलाड़ी बनी मुखिया, खेल के साथ राजनीति में भी बनीं महिलाओं के लिए आइडियल


रोहतास:- कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं होता, तबीयत से एक पत्थर तो उछालों यारों. जी हां इस कहावत का चरितार्थ कर दिखाया है रोहतास की एक युवा एथलीट ने जो एक एथलीट होने के साथ-साथ युवा नवर्निवाचित महिला मुखिया भी हैं. बिक्रमगंज प्रखंड के शिवपुर पंचायत से मुखिया पद से श्वेता सिंह ने जीत दर्ज किया है. सासाराम मैदान में एरोबिक्स तथा जोगिंग करती हुई इस लड़की को देखकर आप चौंकिए मत, यह सिर्फ एक खिलाड़ी ही नहीं, शिवपुर पंचायत की युवा मुखिया भी हैं. वे कहती हैं कि- ‘स्पोर्ट्स अनुशासन सिखाता है वो अपने पंचायत का सर्वांगीण विकास कर एक मैसेज देना चाहती हैं.’
सबसे बड़ी बात ये है कि मुखिया बनने के बाद भी श्वेता घंटों मैदान में पसीना बहाती है. 200 मीटर और 400 मीटर रेस के अलावे लंबी कूद के स्पर्धा में राज्य स्तरीय टूर्नामेंटों में कई मेडल जीत चुकी हैं. श्वेता पहली बार चुनाव में अपनी किस्मत आजमाई और शिवपुर पंचायत के मुखिया बन गई हैं.
श्वेता के मुखिया बनने से खिलाड़ियों में भी उत्साह है इतना ही नहीं श्वेता अपने पंचायत के बच्चियों को एथलेटिक्स की ट्रेनिंग भी देती हैं और यह सिलसिला वर्षों से चला रहा है. यही कारण है कि धीरे-धीरे श्वेता की लोकप्रियता बढ़ने लगी और युवा इनके साथ जुड़ने लगे.
स्पोर्ट्स को अपना करियर बनाते हुए श्वेता फिलहाल एथलेटिक्स की कोच का भी काम करती हैं और खुद प्रतिस्पर्धा में भाग भी लेती हैं जिस कारण जिले की एथलेटिक्स मुखिया की चर्चा लोगो की जुबां पर है.
श्वेता कहती है कि- ‘कल तक वह एक एथलीट, स्पोर्ट्स कोच तथा एक पत्नी और मां की भूमिका में थी लेकिन अब वे जनप्रतिनिधि की भी भूमिका में आ गई हैं.’ श्वेता के इस उपलब्धि से जिला का खेल विभाग भी प्रसन्न है. महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश कर रही है. महिला मुखिया श्वेता सिंह जो एथलीट होने के साथ-साथ मां-बहन और पत्नि का फर्ज निभाते हुए समाजसेवा कर रही हैं. गांव के विकास के लिए वो प्रयासरत है. वो बदलते जमाने में महिलाओं के लिए खासकर युवतियों के लिए एक मिशाल पेश कर रही हैं. उनके इस कामयाबी की चर्चा चारों तरफ हो रही है.

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