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भोजपुर में लग रहा एशिया का सबसे बड़ा इथेनॉल प्लांट


आरा:- धान के कटोरे में फैले राइस मिलों से बनने वाले चावल के अवशिष्टों से पुराने शाहाबाद में एशिया का सबसे बड़ा इथेनॉल उत्पादन का प्लांट लगेगा।भोजपुर,बक्सर,रोहतास और कैमूर के खेतों में होने वाली धान की खेती और खेती से निकलने वाले चावल की भूसी से इथेनॉल का उत्पादन इलाके की सुख,समृद्धि एवं आर्थिक सशक्तिकरण का आधार बनेगा।करीब चार लाख इथेनॉल का प्रतिदिन उत्पादन करने वाले प्लांट को भोजपुर जिले के गड़हनी प्रखण्ड के देवढी स्थित बिहार डिस्टलरीज एन्ड बाटलर्स कम्पनी में विकसित किया जाएगा।यह एशिया की सबसे बड़ी इथेनॉल उत्पादन की फैक्ट्री होगी।पहले से यह फैक्ट्री ढाई लाख लीटर एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल का उत्पादन करती है।इसी फैक्ट्री को विकसित कर करीब चार लाख लीटर प्रतिदिन इथेनॉल उत्पादन का एशिया का सबसे बड़ा इथेनॉल उत्पादन का केंद्र बनाया जाएगा।
इथेनॉल उत्पादन का यह प्लांट मार्च 2022 तक चालू कर दी जाएगी।शाहाबाद की खेतो से निकले धान और धान से निकले चावल के अवशिष्ट से निर्मित इथेनॉल की आपूर्ति पेट्रोलियम कम्पनियों को की जाएगी।पेट्रोलियम कंपनियों को इथेनॉल की आपूर्ति को लेकर एक्सप्रेसन ऑफ इन्टरनेस्ट जारी कर दिया गया है।इसके तहत इथेनॉल निर्माण के लिए बिहार की दस नई कम्पनियों को अनुमति दी गई है।पूर्व में बिहार में मात्र छः कम्पनियों को ही इथेनॉल निर्माण की स्वीकृति दी गई थी जिसे अब बढ़ाकर दस कर दी गई है।
भोजपुर जिले के गड़हनी प्रखण्ड के देवढी स्थित इथेनॉल उत्पादन कम्पनी एशिया में सर्वाधिक इथेनॉल उत्पादन करने वाली कम्पनी चंडीगढ़ डिस्टिलरी एवं बोटलर्स कम्पनी से से अधिक इथेनॉल उत्पादन करने वाली कम्पनी होगी।चंडीगढ़ की इथेनॉल उत्पादन करने वाली कम्पनी प्रतिदिन ढाई लाख लीटर इथेनॉल का ही उत्पादन करती है।बिहार के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन के आरा में खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा आयोजित खादी हस्तशिल्प महोत्सव के उद्घाटन के दौरान जिले में इथेनॉल फैक्ट्री लगाए जाने की घोषणा के बाद अब यहां इथेनॉल की फैक्ट्री बनाने का फैसला हुआ है और जल्द ही एशिया की सबसे बड़ी इथेनॉल उत्पादन कम्पनी के रूप में इसका अस्तित्व दिखाई देगा।
इथेनॉल उत्पादन के लिए भोजपुर जिले की उत्पादन कम्पनी को ढाई सौ करोड़ रुपये निवेश करने की स्वीकृति दे दी गई है।बिहार सरकार को इथेनॉल उत्पादन से प्रति महीने तीन करोड़ चालीस लाख रुपये राजस्व की प्राप्ति होगी।भोजपुर के जिस एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल उत्पादन करने वाली कम्पनी को इथेनॉल उत्पादन की फैक्ट्री में तब्दील किया जा रहा है उसमे 2018-19 में एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल का सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर उत्पादन शुरू किया गया थाबिहार में हुई शराब बंदी का असर इस फैक्ट्री पर पड़ा और इस फैक्ट्री में ताला लग गया था।
भोजपुर जिले में बनने वाली इथेनॉल उत्पादन कम्पनी को निर्माण किये जाने के पूर्व पहले के एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल की फैक्ट्री में तकनीकी परिवर्तन किया गया है।पहले से स्थापित प्लांट में करीब 150 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था और 350 लोगो को रोजगार मिला था।इथेनॉल उत्पादन को लेकर शुरू होने वाले प्लांट से अब और 150 नए लोगो को रोजगार मिलेगा।प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 400 लोगो को इस प्लांट से रोजगार के अवसर मिलेंगे।पुराने शाहाबाद के चार जिलों में धान की खेती होने से इथेनॉल निर्माण के लिए कच्चा माल आसानी से उपलब्ध होगा।इथेनॉल के उत्पादन के लिए चावल के अवशिष्ट के साथ साथ गन्ना और सड़े हुए भोजन की आवश्यकता होती है।

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