February 28, 2021

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सेना का ‘मिशाल’ सीमावर्ती क्षेत्रों में युवा प्रतिभा का कर रहा पोषण

जम्मू:- भारतीय सेना का ‘मिशाल’ अभियान जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में नियंत्रण रेखा से सटे सीमावर्ती इलाकों में युवा प्रतिभा का भरपूर पोषण कर रहा है। रक्षा सूत्रों ने कहा कि पुंछ और राजौरी जिलों के दूरदराज के इलाकों में नियंत्रण रेखा के पास ग्रामीणों का सामान्य जीवन अक्सर पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम उल्लंघन और नियंत्रण रेखा के पार से गोलीबारी के कारण बाधित रहता है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 लॉकडाउन चुनौतियों के कारण, देश के अन्य हिस्सों में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं लेकिन सीमावर्ती क्षेत्रों के बच्चे खराब कनेक्टिविटी और इंटरनेट तक सीमित पहुंच के कारण संघर्ष करते हैं। सेना के एक अधिकारी ने कहा, “ पूरी अवधि के दौरान, भारतीय सेना की मदद से, पाइनवुड स्कूल नियमित रूप से छोटे समूहों में कक्षाएं संचालित करने के लिए शिक्षकों को अग्रिम क्षेत्रों में पहुंचाया जाता रहा। ” उन्होंने कहा कि शुक्रवार को थल सेना दिवस के अवसर पर भारतीय सेना के भीमबेर गली ब्रिगेड और पाइनवुड स्कूल, हमीरपुर ने खुशी मनाने के लिए ‘मिशाल’ का आयोजन किया जो पुंछ और राजौरी के सुदूरवर्ती क्षेत्रों की छात्राओं के लिए प्रतिभा की एक अनोखी अभिव्यक्ति थी।
उन्होंने कहा, “ पुंछ और राजौरी जिलों के इन दूरदराज के इलाकों की लड़कियां उत्साही शिक्षार्थी हैं और हर क्षेत्र में बहुत प्रतिभाशाली हैं जो उन्हें इस क्षेत्र के जीवंत समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान देता है।” उन्होंने कहा कि वे मुस्कुराहट के साथ कई चुनौतियों का सामना करते हैं और श्रेष्ठ होने के लिए बेहद प्रेरित होते हैं। ‘मिशाल’-इन सुदूर क्षेत्रों के युवा छात्रों के लिए कला, चित्रकला, संगीत, नृत्य, वाद-विवाद आदि के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का एक शानदार अवसर है।
भारतीय सेना ने छात्राओं के लिए काउंसलिंग सत्रों की योजना बनाई है ताकि उन्हें आज की दुनिया में उपलब्ध विभिन्न व्यावसायिक अवसरों के साथ पेश किया जा सके, जिससे वे स्वतंत्र और सफल पेशेवर बन सकें। उन्होंने कहा कि सेना ने देश के विभिन्न हिस्सों से स्थानीय छात्रों के लिए भारत के व्यंजनों का आनंद लेने के लिए भोजन उत्सव का भी आयोजन किया है।
उन्होंने कहा, “ सबसे बड़ा नुकसान स्कूल जाने वाले बच्चों का है, जो बेहद प्रतिभाशाली होने के बावजूद अपने साथियों के लिए अन्यत्र उपलब्ध अवसरों से वंचित हैं।” उन्होंने कहा और कहा कि भारतीय सेना के भीमबेर गली ब्रिगेड ने दूर-दराज के बच्चों के लिए 1995 में पुंछ जिले के हमीरपुर में पाइनवुड स्कूल शुरू किया था।” उन्होंने कहा,“ शुरुआत में इसे दो टेंटों में शुरू किया गया था और अब यह एक पूर्ण उच्च माध्यमिक विद्यालय में विकसित हो गया है। इस स्कूल के कई छात्र अब विभिन्न क्षेत्रों में जैसे डॉक्टर, शिक्षक, सरकारी अधिकारी, पुलिस अधिकारी आदि के रूप में सफल पेशेवर हैं। ”

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