January 16, 2021

अनावरण न्यूज़

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गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच सुरक्षित ठिकानों को निकलने लगे लोग, प्रशासन भी मुस्तैद

बक्सर:- बक्सर -यूपी के गंगा से लगे मैदानी हिस्सों में शुक्रवार और शनिवार के दिन हुई भारी वर्षा के कारण वाराणसी ,गाजीपुर से बक्सर तक गंगा नदी के जल स्तर ने पुनः एक बार रफ्तार पकड़ लिया है |बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्पालक अभियंता एजाज कलीम एवं केन्द्रीय जल आयोग के हवाले से बताया गया है कि शनिवार शाम तीन बजे तक 56 .30 मीटर था ,जब की स्थानीय स्तर पर चेतावनी बिंदु 58 .32 मीटर है |हालाकि बीच के दिनों में वर्षा ना होने से स्थानीय गंगा ठहराव पर थी , बीते अडतालीस घंटे के दौरान गंगा के मैदानी हिस्सों में अति वृष्टि को लेकर वाराणसी समेत बक्सर में गंगा का जल स्तर प्रति घंटा डेढ़ सेंटीमीटर की बृद्धि पर है |वही दो दिनों से तेज हवा का बहाव पानी को तेज लहरों में तब्दील कर रही है |कारण है कि बाढ़ के सम्भावित खतरे के बीच बक्सर स्थित गंगा के किनारों पर कटाव भी हो रहा है |जारी इस माह के दौरान ही गंगा के तटीय गांव अहिरौली से अर्जुनपुर के बीच बारह बिगहा उपजाऊ भूमि का कटाव हो चुका है |इसे लेकर दियरा क्षेत्र के लोग भय के साए में है |जिले के दियारा के कछार (भांगर ) में गंगा जल के फैलाव के कारण अभी से लोग सुरक्षित ठिकानों के लिए निकलने लगे है |हालाकि सम्भावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर रखी है |राज्य सरकार के विशेष दिशा निर्देश के आलोक में बक्सर जिलाधिकारी अमन समीर के द्वारा जिले के दियरा ईलाको में टापू में तब्दील होने वाले गांवो को चिन्हित कर विशेष निगरानी रखने की हिदायत मातहत अधिकारियों को दे दी गई है |इस दौरान सिमरी ,बरहामपुर ,चौसा के अंचलाधिकारियो को बक्सर कोइलवर रिंग बाँध के निगरानी हेतु सजग रहने को कहा गया है | गंगा नदी के जल ग्रहण क्षेत्र में दबाव के बढ़ते ही स्थानीय सहायक नदिया कर्मनाशा ,ठोरा ,धर्मावती ,और कंचन नदी के तटीय इलाको में पानी रसाव होने लगा है |जहा किसान अपनी फसलो को लेकर चिंता ग्रस्त है |यह स्थिति गत दिनों इन्द्रपुरी बराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से पैदा हुई है | बक्सर किले का होरहा कटाव अब शहर के लोगो को भी भी भीत करने लगा है |खुद जिला बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी मानते है ,बक्सर किले का कटाव होने की स्थिति में गंगा शहर समेत आसपास के तीस किलोमीटर के दायरे को अपने आगोश में ले सकती है |बक्सर किला ही है जो अबतक जिला मुख्यालय को बाढ़ जैसी विभीषिका से बचाए हुए है।

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