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रिक्त पदों को भरने के लिए नियमावली में किया जा रहा है संशोधन-आलमगीर आलम


रांची:- झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन सरकार की ओर से सभा में यह भरोसा दिलाया गया है कि विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने के लिए नियुक्ति और परीक्षा संचालन नियमावली में संशोधन किया जा रहा है।
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस की अम्बा प्रसाद के एक अल्पसूचित सवाल के जवाब में कार्मिक विभाग के प्रभारी मंत्री आलमगीर आलम ने स्वीकार किया कि राज्य के विभिन्न विभागों में स्वीकृत पदों की तुलना में भारी संख्या में पद रिक्त पड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि विभागों में रिक्त पड़े पदों को जल्द भरने के लिए नियुक्ति नियमों में विसंगतियों के कारण नियुक्ति में उलझन आ रही है, इसलिए सरकार ने नियुक्ति की प्रक्रिया को गति प्रदान करने के लिए विभिन्न नियुक्ति नियमावलियों एवं परीक्षा संचालन नियमावलियों के गठन तथा संशोधन की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी विसंगतियों को दूर करते हुए युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार दिलाने की कार्ययोजना पर काम कर रही है।
प्रश्नकाल के दौरान झारखंड के दीपक बिरुवा के एक अन्य सवाल में प्रभारी मंत्री आलमगीर आलम ने स्वीकार किया कि हिन्दी विद्यापीठ देवघर द्वारा दी जाने वाली उपाधियों प्रवेशिका, साहित्यभूषण एवं साहित्य अलंकर की क्रमशः मैट्रिक, इंटर और स्नातक के समकक्ष स्थायी मान्यता को 26 जून 2014 के प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। इस आदेश के बाद संस्था से निर्गत प्रमाण पत्र को आदेश जारी करने के बाद से किसी भी नियुक्ति-प्रोन्नति के लिए मान्यता नहीं दी गयी है। मंत्री ने बताया कि कार्मिक विभाग द्वारा 1 जून 2015 को जारी पत्र में यह स्पष्ट कर दिया है कि 26 जून 2014 के बाद किसी भी सरकारी नियुक्ति अथवा प्रोन्नति के लिए हिन्दी विद्यापीठ देवघर के द्वारा प्रदत्त शैक्षणिक प्रमाण पत्र की मान्यता नहीं है, चाहे वह प्रमाण पत्र 26जून 2014 के पहले ही क्यों नहीं निर्गत किये गये हैं।

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