January 20, 2021

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कल युग में बाबा कालेश्वरनाथ का अद्भुत अवतार

किशनगंज:- किशनगंज जिले के पोठिया प्रखंड क्षेत्र में रायपुर खरखरी पंचायत के गांव धोबिनियाँ गांव में वर्ष 2006 में स्थापित बाबा भोलेनाथ व मां पार्वती के शिवालय पर लोगों की अट्टू आस्था है। यहां सच्चे मन से प्रार्थना करने से लोगों की मनोकामना पूर्ण होती है। ग्रामीणों के अनुसार यह एक अद्भुत अवतार है जहां बाबा भोलेनाथ एवं मां पार्वती के लिंग की रूप में स्वयं अवतार 1 सितंबर 2006 में को हुआ तब से लेकर आज तक पूजा-अर्चना में श्रद्धालु पहुँचते हैं। कहा जाता है कि जिसने भी मन्नते बाबा से मांगीं , उन्हें बाबा ने कभी निराश नही किया। इसीलिए अब श्रद्धालुओं के सहयोग से मंदिर का निर्माण भी हो गया है।

बता दें कि उक्त पंचायत के धोबिनियाँ गांव निवासी कालेश्वर शर्मा की निज भूमि में बाबा भोलेनाथ सहित मां पार्वती के लिंग का अवतार होने की जानकारी मिलती है। इसीलिए बाबा कालेश्वरनाथ इस शिवालय का नाम रखा गया है। श्रावण माह एवं शिवरात्री में भक्तों की खासा भीड़ उमड़ जाती है और जलाभिषेक किया जाता है। यहां भक्त महानंदा नदी से जल कांवर में भर के 20-25 किमी जलाभिषेक करने पैदल ही पहुँचते हैं। कुछ तो करीब दो किलोमीटर पास के ही रायपुर खरखरी पंचायत के डौक नदी से कांवर में जल उठाकर यहां पैदल ही यात्रा कर पहुँचते और जलाभिषेक कर मनोकामना पूर्ण करते है। वैसे तो आस्था व श्रद्धा भक्तों के मन में बाबा के प्रति घर-घर में और हर उम्र के लोगों में है लेकिन सच्ची आस्था व विश्वास का नाम ही ईश्वर है। यह किसी भी धर्म व सम्प्रदाय में देखा जाता है।
यह स्थान किशनगंज से गलगलिया जाने के सड़क मार्ग पोठिया प्रखंड कें रायपुर खरखरी पंचायत में है। यानि कांग्रेस सांसद मो.जावेद आजाद एवं विधायक इजहारूल हुसैन का क्रमशः लोकसभा व विधानसभा क्षेत्र में पड़ता है और खास बात ये है कि ये दोनो जनप्रतिनिधि उक्त प्रखंड के निवासी भी हैं।जिसके कारण प्रखंड के गांव-गांव पक्की सड़कें तो मिलेगी किन्तु किशनगंज-गलगललिया के मुख्य मार्ग से महज एक किलोमीटर पूरब दिशा में बाबा कालेश्वरनाथ के शिवालय तक जाने के लिए आज भी कच्ची सड़क से होकर गुजर कर धोबिनियाँ गांव पहुंचना पड़ता है। अब यह समझना होगा कि सांसद व‌ विधायक के गृह क्षेत्र में आस्था के द्वार तक पहुंचना श्रावण महीने में भक्तों के लिये कितना कठिन होगा।
आस्था व विश्वास के आगे बाधाओं एवं विघ्नों में भी भक्तों को हर -हर बाबा कालेश्वर नाथ तक के दरबार तक पहुंचने का लक्ष्य तय करना बड़ी बात नही है।
सांसद और विधायक के गृह क्षेत्र में गली-गली पक्की सड़कें है लेकिन धुमनियां गांव पहुँचने वाली कच्ची संपर्क सड़क जनप्रतिनिधियों की नजरों से कैसे बची है विचारणीय विषय है।

संवाददाता सुबोध

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