जम्मू:- केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा बुधवार को श्री अमरनाथ श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को जम्मू के भगवती नगर स्थित यात्री निवास से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
यात्री निवास एवं बफीर्नी बाबा की गुफा तक जाने वाले मार्ग पर हालांकि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किये गए हैं।
अधिकारी ने कहा, “उपराज्यपाल सिन्हा यात्री निवास से बुधवार तड़के अमरनाथ जाने वाले पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।” उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं सहित सभी प्रकार के व्यवस्थाओं का इंतजाम किया गया है।
गौरतलब है कि श्री अमरनाथ यात्रा को इस वर्ष चंदनवाड़ी और बालटाल दोनों मार्गों से आयोजित की जा रही है।
घाटी में अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के हटने और 2020-21 में कोरोना महामारी के कारण यात्रा को दो वर्षों के लिए स्थगित कर दिया गया था।
बर्फानी बाबा की 43 दिन लंबी चलने वाली यात्रा 11 अगस्त को रक्षा बंधन के दिन समाप्त हो जायेगी।
श्री सिन्हा, जो कि श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने सोमवार को यात्री निवास का दौरा कर यात्रा की तैयारियों का जायजा लिया।
उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश के दोनों क्षेत्रों के लोग तीर्थयात्रियों के स्वागत के लिए उत्साहित हैं। तीर्थयात्रा को निर्बाध संचालन के लिए सुरक्षा बल को अलर्ट पर रखा गया है।
श्री सिन्हा ने यात्री निवास में यात्रा व्यवस्थाओं की जायजा लेने के बाद संवाददाताओं से कहा, “पिछले दो वर्षों के दौरान अमरनाथ यात्रा नहीं होने के कारण लाखों परिवारों को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा था।”
उन्होंने कहा, “इस वर्ष बाबा बर्फानी के गुफा के दर्शन के लिए जम्मू और कश्मीर दोनों क्षेत्रों के लोगों में यात्रा को लेकर बहुत उत्साह है और मैंने देखा है स्थानीय लोग तीर्थयात्रियों के स्वागत के लिए आतुर हैं।”
श्री सिन्हा ने कहा, “यात्रा को सुचारु रूप से संचालन के लिए सुरक्षा बल अलर्ट पर हैं और इसके लिए पर्याप्त इंतजाम किए हैं। हमारा यह प्रयास रहा है कि इस वर्ष बेहतर से बेहतर व्यवस्था की जाए।”
उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने यात्रियों को ले जा जाने वाले वाहनों के लिए एक विशेष स्टीकर भी जारी किए हैं और बिना एचएसआरपी के किसी भी वाहन को गुफा मंदिर की ओर जाने वाली राजमार्ग पर प्रवेश नहीं दिया जायेगा।
पुलिस अधिकारियों ने कहा, “अमरनाथ तीर्थयात्रियों को ले जाने वाली वाहनों के दस्तावेजों की जांच के बाद अधिकारी एक स्टीकर जारी करते हैं, जिसको अन्य किसी जांच से बचने के लिए आगे वाले सीसे पर लगाना होता है।”
अमरनाथ यात्रा को सुचारू और सुरक्षित संचालन के लिए जम्मू के बाहरी इलाके और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलिस, सीआरपीएफ, सीएपीएफ, सीआईएसएफ, बीएसएफ और सेना के अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है।

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