January 22, 2021

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आजसू पार्टी ने प. बगाल विस की तैयारियों में झोंकी ताकत

पुरुलिया में प. बंगाल प्रदेश स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन
रांची:- मानभूम-जंगलमहल क्षेत्रीय प्रशासन- एमजेटीएम (मानभूमजंगलमहल ट्रैरिटोरियल एडमिशस्ट्रेशन) के अविलंब गठन की मांग की है। इसके साथ ही उन्होने कहा है कि इस इलाके के राजनीतिक, सामाजिक, और आर्थिक पहचान तथा तरक्की क लिए एमजीटीए के गठन के लिए आजसू पार्टी संघर्ष की मुनादी के साथ इसे मुकाम तक पहुंचाएगी।

मंगलवार को पुरुलिया में आजसू पार्टी की बंगाल प्रदेश स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन में आजसू प्रमुख ने कहा पश्चिम बंगाल का जंगल महल इलाका दशकों से सबसे उपेक्षित क्षेत्र रहा है। यहां सरकारें कई आई- गई, लेकिन वृहत झारखंड का यह क्षेत्र-बांकुड़ा, झाड़ग्राम, मिदनापुर, पुरुलिया हाशिये पर रहा।
श्री महतो ने कहा कि अलग राज्य की लड़ाई और वृहत झारखंड की मांग को लेकर झंडा उठाने में इस इलाके के लोगों की भागादारी हमेशा तक याद रखी जाएगी। इसलिए इस सम्मेलन के जरिए हम सामाजिक एवं आर्थिक समस्याओं पर गहन चिंतन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वृहत झारखंड का यह क्षेत्र(बांकुड़ा, झाड़ग्राम, मिदनापुर, पुरुलिया) बंगाल के अन्य क्षेत्रों से भाषा, वेश-भूषा, रहन-सहन, खान-पान, पर्व-त्योहार, कला-संस्कृति के रुप में अलग पहचान रखता है। जबकि झारखंड के एक इलाके से यहां की संस्कृति दशकों से मेल खाती है।
झारखंड बनने के पश्चात् बंगाल में क्षेत्र के लोग अपने आप को उपेक्षित महसूस करते हैं। आज इनका अस्मिता अस्तित्व खतरे में है, इसलिए आजसू पार्टी वृहत झारखंड के इस इलाके के सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक स्वायत्ता के लिए पहल करेगी।
उन्होंने कहा है कि आज़ादी के बाद से जंगल महल क्षेत्र पश्चिम बंगाल राज्य का सबसे उपेक्षित क्षेत्र रहा है. लोगों को कुछ नहीं मिला, बल्कि उन्हें अपने जंगलों को भी खोना पड़ा। बड़े पैमाने पर वनों की कटाई से उनका वन-आधारित आजीविका को बहुत नुकसान हुआ। सिंचाई में सुधार और कृषि के विकास पर कोई ध्यान नहीं दिया गया और न ही कोई कोई उद्योग स्थापित किया गया। नदियो,तालाबों और जलाशयों को संरक्षित नहीं रखा गया।
श्री महतो नने कहा कि कोलकाता में बैठे शासकों पर इन क्षेत्र के लोगों का विश्वास खत्म हो गया है। वे चाहते हैं स्वयं शासन करें। उनकी पहचान और स्वायत्तता की समस्याओं का समाधान क्षेत्र के लिए एक स्वायत्त परिषद के गठन में निहित है।
कार्यकर्ता सम्मेलन में चार प्रमुख प्रस्ताव पारित किए गए।जिसमें राढ़ बंगाल में प्रस्तावित बृहत झारखण्ड क्षेत्र के अंतर्गत मानभूम-जंगलमहल क्षेत्रीय प्रशासन- का अविलंब गठन, प्रकृति पूजक समाज का अलग धर्म कोड, कुर्मी जाति को प्रदेश में अनुसूचित जनजाति का दर्जाऔर मूलवासी-आदिवासी भाषा संस्कृति के संरक्षण के लिए अलग भाषा-साहित्य परिषद का गठन शामिल है।

रोड शो भी निकला

सभा में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा सभा से पूर्व सभी नेताओं- कार्यकर्ताओं ने रोड शो निकालकर शहर में जबरदस्त उपस्थिति दर्ज की। सम्मेलन में विधायक डॉ. लम्बोदर महतो, बंगाल प्रभारी तथा पूर्व मंत्री उमाकांत रजक, पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस, केंद्रीय प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत, सुनील सिंह, सागेन दा आदि शामिल थे।
सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक लम्बोदर महतो, झारखंड के पूर्व मंत्री उमाकांत रजक, पूर्व मंत्री सह पार्टी के प्रधान महासचिव रामचंद्र सहिस, सम्मानित अतिथि पार्टी के केंद्रीय प्रवक्ता देवशरण भगत, केंद्रीय महासचिव सागेन हांसदा, केंद्रीय उपाध्यक्ष विश्वरंजन महतो उर्फ कार्तिक महतो, केंद्रीय सचिव हरेलाल महतो व बादल महतो उपस्थित थे। सम्मेलन को आजसू के पश्चिम बंगाल प्रभारी सुनील कुमार सिंह, पुरुलिया जिला सभापति धीरेंद्र नाथ रजक, प्रभारी जिला प्रभारी सुभाष चंद्र महतो, उपाध्यक्ष दीपक राय आदि ने संबोधित किया। इसके पूर्व मानभूम छऊ नृत्य एवं काठी नृत्य से अतिथियों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर लक्ष्मीकांत महतो, दुर्योधन गोप, बेनुधर महतो, धीरेन महतो, सुभाष चंद्र महतो, प्रवीण महतो, मोहन महतो, बृहस्पति महतो, ताराचांद महतो, काला कुंभकार, सनत महतो आदि उपस्थित थे।

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