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राजनीति की आजातशत्रु शीला दीक्षित ने पंद्रह साल तक दिल्ली पर किया शासन

नयी दिल्ली:- कांग्रेस की दिग्गज नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री रह चुकी शीला दीक्षित की पुण्यतिथि पर आज देश उन्हे नमन कर रहा है। दिल्ली की राजनीति का अजातशत्रु कहे जाने वाली शीला दीक्षित 1998 से लेकर 2013 तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही। वर्ष 2010 में उनकी अगुवाई में राजधानी में तीन से 14 अक्टूबर तक 19 वें राष्ट्रमंडल खेलों का सफल आयोजन हुआ था। आइए नजर डालते हैं उनके राजनीतिक सफर पर, राजनीतिक सफर से जुड़ी बातें
राजीव गांधी कैबिनेट में शीला दीक्षित को बनाया गया था मंत्री।
1998 में कांग्रेस ने शीला दीक्षित को पहली बार बनाया गया दिल्ली का कांग्रेस अध्यक्ष
इसके बाद हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को मिली भारी सफलता ।
पंद्रह साल तक मुख्यमंत्री के तौर पर दिल्ली पर किया शासन ।
शीला दीक्षित लगातार पंद्रह सालों तक मुख्यमंत्री रहने वाली देश की पहली महिला नेता भी बनीं।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस समिति की अध्यक्ष के पद पर, 1998 में कांग्रेस को दिल्ली में, अभूतपूर्व विजय दिलाई।
2008 में हुए विधान सभा चुनावों में शीला दीक्षित के नेतृत्व में कांग्रेस ने 70 में से 43 सीटें जीती।
2014 में उन्हें बनाया गया था केरल का राज्यपाल ।
बता दें कि शीला दीक्षित का जन्म 31 मार्च, 1938 को पंजाब के कपूरथला में हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस से इतिहास में मास्टर डिग्री हासिल की थी। उनका विवाह उन्नाव (यूपी) के आईएएस अधिकारी विनोद दीक्षित से हुआ था। विनोद कांग्रेस के बड़े नेता और बंगाल के पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय उमाशंकर दीक्षित के बेटे थे। शीला एक बेटे और एक बेटी की मां हैं। उनके बेटे संदीप दीक्षित भी दिल्ली के सांसद रह चुके हैं।

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