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राजस्थान-छत्तीसगढ़ के बाद झारखंड कांग्रेस में भी उठे विरोध के स्वर


कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह पर संगठन को बेचने और कमजोर करने का आरोप लगाते हुए की नारेबाजी
रांची:- देश के चंद राज्यों में ही कांग्रेस पार्टी सत्ता में है, लेकिन सत्ता में रहने के बावजूद पार्टी नेताओं के बीच गुटबाजी चरम पर है। राजस्थान और छत्तीसगढ़ की तरह ही झारखंड में भी कांग्रेस का अंदरुनी कलह अब सड़क पर आ गया है। आदिवासी बहुल झारखंड में पार्टी की बागडोर जनजातीय नेता से छीन कर एक गैर आदिवासी को सौंपे जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं ने शुक्रवार को रांची में पार्टी कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह पर संगठन को बेचने तथा कमजोर करने का आरोप लगाते हुए पुतला दहन भी किया।
इस दौरान विरोध प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्त्ताओं और आरपीएन सिंह के समर्थकों के बीच आपस में धक्कामुक्की भी हुई।
कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह पार्टी कार्यालय के अंदर नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन की मजबूती पर चर्चा कर रहे थे। वहीं कांग्रेस भवन के बाहर कुछ पुराने कांग्रेसी कार्यकर्ता कांग्रेस संगठन को कमजोर करने का आरोप लगा कर प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह का विरोध कर रहे थे। योगेंद्र सिंह बेनी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में पार्टी का झंडा लेकर कांग्रेस भवन के गेट में आरपीएन सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध कर रहे कार्यकर्ता सोनिया गांधी और राहुल गांधी जिंदाबाद का नारा लगा रहे थे। प्रदर्शनकारी कार्यकर्त्ता आरपीएन सिंह हाय-हाय, संगठन को बेचना बंद करो, समर्पित कांग्रेसियों को अपमानित करना बंद करो आदि के नारे लगा रहे थे। योगेंद्र सिंह बेनी ने कहा कि प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह कांग्रेस को कमजोर करने का कोई कसर नहीं छोड़े है। वह राज्य में पार्टी को अपनी जेबी संगठन बनाना चाहते है। जिसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश प्रभारी के रूप में आरपीएन सिंह रांची आते है और एसी होटलों और गेस्ट हाउस का मजा लेकर चले जाते है। उन्हे ना तो कार्यकर्ता से मतलब है और ना ही संगठन से। इस मौके पर आशुतोष पाठक ने कहा कि आरपीएन सिंह पिछले 5 वर्षो से प्रदेश कांग्रेस कमिटी का गठन तक नहीं होने दिया, क्योकि कमिटी के गठन से राज्य में कांग्रेस संगठन मजबूत और सक्रिय हो जाएगा। इससे प्रदेश प्रभारी को परेशानी होगी। विरोध प्रदर्शन करने वालों में विंदेश्वरी यादव, टिंकू वर्मा, कृष्णा सहाय, नागो चौधरी, प्रवीण दूबे, मो परवेज और दामोदर राम सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
विरोध प्रदर्शन कर रहे एक कांग्रेस नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि आरपीएन सिंह ने केंद्रीय नेतृत्व, सोनिया गांधी और राहुल गांधी को गलत फीडबैक देकर अपने करीबी राजेश ठाकुर को अध्यक्ष बनवा दिया। प्रदेश कांग्रेस के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ, जब नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष को प्रदेश का कोई नेता बधाई नहीं दे रहा है और वे बड़े नेताओं के घर-घर जाकर आशीर्वाद ले रहे है। दूसरी तरफ अपने करीबी को स्थापित करने के उद्देश्य से प्रदेश प्रभारी को खुद झारखंड आना पड़ा, इसके बावजूद जिस तरह से कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ बोकारो में चुनाव लड़ चुके राजेश ठाकुर और बाहर से आये चारों नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्षों को जिम्मेवारी सौंपी गयी है,उससे वर्षा पुराने पार्टी के समर्पित नेताओं-कार्यकर्त्ताओं में रोष है। जल्द ही पार्टी नेताओं का एक शिष्टमंडल नई दिल्ली जाकर केंद्रीय नेतृत्व को सारी वस्तुस्थिति से अवगत कराएगा।

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