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अमित शाह के बाद अखिलेश भी बने सुभासपा की रैली में मेहमान


मऊ:- सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) क्षेत्रीय दल जिसका आधार पूर्वांचल के महज कुछ जिलों और करीब सैकड़ा विधानसभा क्षेत्र तक सीमित है लेकिन हनक ऐसी कि पार्टी मुखिया ओमप्रकाश राजभर अपने मंच व अपनी शर्त पर रैलियों में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बाद अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तक को मेहमान के रूप में बुलवा लिया। खास बात यह कि उक्त दोनों कार्यक्रमों में उन संबंधित पार्टियों के कार्यकर्ता तो मौजूद रहे लेकिन मंच से लेकर कार्यक्रम स्थल में कहीं भी सुभासपा को छोड़ अन्य पार्टी के झंडा बैनर तक नजर नहीं आ सका था। बुधवार को जनपद के हलधरपुर थाना क्षेत्र में सुभासपा की 19वीं स्थापना दिवस मनाई जा रही थी। विधानसभा चुनाव के कुछ महीने पूर्व इस स्थापना दिवस समारोह के बहाने ओमप्रकाश राजभर को अपना शक्ति प्रदर्शन करना भी था। ऐसे में महीनों पूर्व ओवैसी के संपर्क में बने रहे व ओवैसी के साथ नजर भी आते रहे। लेकिन कार्यक्रम के एक पखवारे पूर्व सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के घर पहुंच कर उनसे गलबहियां करते हुए ओमप्रकाश ने ऐसा पासा फेंका कि सुभासपा के मंच पर सपा सुप्रीमो बतौर मेहमान उपस्थित हो गए। इसके पहले विधान सभा चुनाव 2017 से कुछ दिन पहले मऊ के ही रेलवे मैदान में ओमप्रकाश राजभर ने अपने कार्यक्रम में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भी मेहमान के तौर पर उपस्थित कराया था। खास बात यह कि पिछली बार ओमप्रकाश राजभर ने जहां भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से वही अबकी बार सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से अपने ही मंच से दोनों पार्टियों के गठबंधन की घोषणा भी कराने में सफलता पाई है। अपनी जमीन, अपना मंच, अपनी शर्त व अपने झंडे तले बड़े-बड़े पार्टियों के राष्ट्रीय अध्यक्षों से अपनी पार्टी से गठबंधन की घोषणा कराने वाले ओमप्रकाश राजभर अपने मूल मतदाताओं को यह संदेश देने में सफल होते रहे कि सामने वाली पार्टी चाहे जितनी भी बड़ी हो ओमप्रकाश राजभर कभी अपने हितों से समझौता नहीं करने वाले हैं। ओमप्रकाश राजभर के रैलियों में अन्य पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की उपस्थिति को मेहमान कहना इसलिए भी चर्चा का विषय बन जाता है कि उक्त रैलियों में सुभासपा के छड़ी चुनाव चिन्ह युक्त पीले रंग की झंडा के अलावा अन्य किसी पार्टी का झंडा तक नजर नहीं आता। 2017 में मऊ में हुए सुभासपा की रैली में भाजपा का झंडा लगा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं को सुभासपा के उत्साही नौजवानों के कोपभाजन का शिकार भी होना पड़ा था। वही आज हलधरपुर में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और तमाम बड़े नेताओं की मौजूदगी के बावजूद उनके पार्टी के झंडा बैनर पोस्टरों की अनुपस्थिति बनी रही।

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