March 3, 2021

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सीता कुमारी हत्याकांड में पुलिस पर लापरवाही का लगाया आरोप, बहन बोली हत्यारोपी को मिल गया बेल

घटना में शामिल अन्य आरोपित अब भी हैं फरार, गिरफ्तार नहीं कर रही पुलिस

रांची:- सोनाहातू इलाके में हुई चर्चित सीता कुमारी हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई से परिजन में नाराजगी है। सीता की बहन सत्य भामा कुमारी का कहना है कि पुलिस की लापरवाही की वजह से महज सात महीने में ही मुख्य आरोपित शुभम सिंह मुंडा का बेल हो गया। वह जेल से छूटकर बाहर आ गया। अब उससे पूरे परिवार को जान से मारने का खतरा है। इसके अलावा घटना में शुभम का साथ देने वाले अन्य आरोपित बेखौफ होकर खुलेआम घूम रहे हैं। लेकिन पुलिस इन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है। वह आराेपितों की गिरफ्तारी के लिए कई सक्षम अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के पास गुहार लगा चुकी है। लेकिन उसका गुहार ठंडे बस्ते में नजर आ रहा है। अब बहन की मौत पर न्याय की उम्मीद लिए हर दिन अफसरों के कार्यालय का चक्कर काट रही है। बहन की मौत के बाद पूरे परिवार की स्थिति बिगड़ गई है। गौरतलब है कि बीते 26 जून की सुबह सोनाहातू के केतला गांव के कोटाप पहाड़ के पास से सीता का शव सड़ी-गली अवस्था में बरामद किया गया था। बाद में शव की पहचान सीता के रूप में हुई थी। इस मामले में आठ जुलाई को शुभम गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

परिजनों की निशानदेही पर हुआ था खुलासा :

जब घर वालों को इस बात जानकारी मिली सीता का शव बरामद हुआ है, तब उन्होंने पुलिस के सामने सीता की शुभम मुंडा के साथ रहने की बात पुलिस को बताई थी। इसके आधार पर पुलिस ने शुभम सिंह मुंडा को गिरफ्तार किया था। सोनाहातू थाना क्षेत्र के तेतला गांव के शुभम और बुंडू थाना क्षेत्र के गांव एड़किया की सीता का प्रेम प्रसंग कई सालों से चल रहा था। 2018 से ही दोनों लिव-इन में रह रहे थे। उसके बाद 2019 में सतबहिनी के आदित्यपुर में दोनों पति-पत्नी के रूप में रहने लगे। इसबीच जब शुभम आदित्यपुर छोड़ कर अपने घर से तेतला चला गया और सीता वहीं रह गई तब मामला बिगड़ा। जहां शुभम और सीता रह रहे थे, उसके मकानमालिक ने सीता से लगातार किराया देने का दबाव बनाया। इससे परेशान होकर सीता ने शुभम को फोन पर जानकारी देते हुए उसके पास पहुंची। इसके बाद शुभम उसे अपने घर ले गया। इससे शुभम के घर वाले काफी नाराज हुए। सीता को वापस उसके घर छोड़ने की बात करने लगे। शुभम ने अपने घरवालों की बात ना सुनकर सीता को अपने चाचा के खाली पड़े घर में 3 से 4 दिन तक रखा। इसी दौरान शुभम ने सीता से अपना पीछा छुड़ाने की एक साजिश रची और 20 जून की रात वह बहाने से सीता को कोटाब पहाड़ ले गया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी।. हत्या करने के बाद उसके जूते, बैग, समीज, पर्स आदि को वही जला दिया था।

मामले में कई और नए नाम मृतका की बहन की ओर से दिया गया है। संबंधित लोगों की भूमिका की जांच चल रही है। पूरी जांच के बाद ही भूमिका स्पष्ट हो पाएगा।

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