June 14, 2021

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कोरोना से मरने वाला शहीद होता है, कफन-दफन में न करें भेदभावः एदार-ए-शरीया

रांची:- एदार-ए-शरीया झारखंड के नाजिम आला मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी ने कहा कि बहारे शरीयत में 36 किस्म के शहीदों का जिक्र आया है। इसमें(जातुल जम्ब) निमोनिया (टाइफाइड) से, बुखार से, और ताऊन से मरने वालों का भी जिक्र है। कोरोना वबा ताऊन की तरह ही महामारी है। जिसमें निमोनिया (टाइफाइड) का प्रभाव। बुखार और खांसी का भी प्रभाव है। मरीज को ऑक्सिजन की कमी होने लगती है। इसलिए कोरोना से मरने वाले (मुसलमान) को शहादत हासिल होती है। वो शहीद कहलाएंगे। इसलिए कोरोना से मौत होने वालों से घृणा ना करें। उसकी नमाज-ए-जनाजा पढ़ें। मान-सम्मान और एहतराम से उसकी मिट्टी-मंजिल करें। इस दौर में बेसहारों की मदद करें। लावारिस मय्यत के कफन-दफन का इंतजाम करें। मरीजों के इलाज की सही व्यवस्था करते हुवे कोविड-19 प्रोटोकॉल पर अमल करें। यतीम (अनाथ) हो गए बच्चे की हर सम्भव मदद करें। उक्ते सारी बातें आलिमों के वेबिनार में उभरकर सामने आयी हैं।

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