June 16, 2021

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झारखंड में कोरोना संक्रमण से 33 इंजीनियरों की हुई मौत

सरकारी कामकाज पर पड़ रहा है असर

रांची:- वैश्विक महामारी कोरोना वायरस कोविड-19 ने ना सिर्फ चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की जान ले ली, बल्कि संक्रमण से झारखंड प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारियों-कर्मचारियों, शिक्षकों और अन्य अनुबंधित कर्मियों की भी मौत हुई। वहीं इस दौरान 33 इंजीनियरों की भी जान चली गयी।
एक आंकड़े के अनुसार झारखंड सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत करीब 650 इंजीनियर संक्रमित हुए, जिसमें से 300 से ज्यादा इंजीनियरों को बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। संक्रमित होने के बाद ज्यादातर इंजीनियर स्वस्थ हो गये, परंतु इस दौरान राज्य में 33 इंजीनियरों की जान चली गयी।
कोरोना संक्रमण के दौरान मरने वाले इंजीनियर पेयजल एवं स्वस्च्छता विभाग, जल संसाधन और पथ निर्माण विभागों के महत्वपूर्ण पदों पर पदस्थापित थे। इनकी मौत के बाद सचिवालय और अन्य संबंधित कार्यालयों में आज भी कुर्सियां खाली है। इस दौरान कई सेवानिवृत्त इंजीनियरों की भी मौत हुई। कोरोना संक्रमण से मरने वाले सभी इंजीनियर रांची के डोरंडा स्थित इंजीनियरिंग भवन के मेंबर भी थे।
इंजीनियरिंग भवन कमेटी के चेयरमैन एसआर सिंह ने बताया कि कई इंजीनियरों के जाने का असर सरकारी काम काज पर पड़ रहा है। जिन इंजीनियरों की मौत हुई, उनमें से ज्यादातर पेयजल विभाग, जल संसाधन विभाग और पथ निर्माण विभाग में कार्यरत थे। जिन इंजीनियरों की मौत हुई, उनमें अरबिंद कुमार सिंह, अखौरी अवधेश्वर सहाय, अनिल कुमार, राजेंद्र प्रसाद, नवीन कुमसा वर्मा, विद्या सागर चौधरी,गणेश चंद्र झा, सुबोध कृष्ण सिन्हा, श्याम सुंदर महतो, शिशिर कुमार चौधरी, महेंद्र सिंह, सृष्टि धर मोदी सीई, मनोज कुमार चौधरी, शंकर प्रसाद, सरफराज अहमद, विनय कृष्ण सिन्हा, श्वेता रेजिना टोप्पो, राजेंद्र प्रसाद, धनेश्वर उरांव, शंकर पीडी वर्मा, विजय कुमार, सल्खू टुड्डू, राधेश्याम राम, सुरेंद्र पीडी सिंह, शैलेश कुमार, सुभाष कुमार, राकेश रोशन, बिरशा उराव, गुप्तेश्वर राम, महेंद्र कुमार महतो, हरिमुनि राम, सुशील कुमार रवि और इंजीनियर तौकिर आलम शामिल है।

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