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जम्मू-कश्मीर में तलाशी अभियान का 27वां दिन, अब तक 9 जवानों की गई जान, आतंकियों की घेराबंदी में लगा सुरक्षाबल


जम्मू-कश्मीर:- जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों की घेराबंदी और तलाशी अभियान के 27 दिनों के बाद सुरक्षाबलों ने शनिवार को अपना ध्यान राजौरी जिले के आसपास के इलाके में केंद्रित कर लिया. सुरक्षाबलों ने शनिवार को राजौरी-थानामंडी सड़क पर वाहनों के आवागमन को निलंबित कर दिया गया था और इलाके में आतंकवादियों के एक समूह की तलाश के लिए अभियान को खाबला जंगल तक बढ़ा दिया.
पिछले तीन हफ्तों से चल रहे सर्च ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को आतंकवादियों को ढूंढ निकालने में फिलहाल कोई कामयाबी नहीं मिली है. पुंछ जिले के सुरनकोट-मेंढर के पहाड़ी इलाके में स्थित जंगलों में आतंकवादियों के छिपे होने की आशंका है. हालांकि शनिवार को सुरक्षाबलों ने अपने तलाशी अभियान के दायरे को राजौरी जिले तक बढ़ा दिया. पुंछ और राजौरी जिले पाकिस्तान के साथ जुड़ी नियंत्रण रेखा (LOC) के साथ लगे हुए हैं और दोनों ही जिले 10 अक्टूबर से हाई अलर्ट पर हैं.
सबसे लंबे समय तक चलने वाला सर्च ऑपरेशन
सुरक्षाबलों का यह सर्च ऑपरेशन (Search Operation) जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ सबसे लंबे समय तक चलने वाला ऑपरेशन साबित हुआ है. 11 अक्टूबर से पुंछ-मेंढर-राजौरी क्षेत्र में तीन अलग-अलग मुठभेड़ों में अब तक सेना के 9 जवान शहीद हो गए हैं. पुंछ जिले के सुरनकोट और मेंढर जंगल तथा राजौरी जिले के थानामंडी में आतंकवाद रोधी अभियान शनिवार को 27वें दिन में प्रवेश कर गया.
अधिकारियों ने बताया कि जब पुंछ-राजौरी के वन क्षेत्र में आतंकवादियों को पकड़ने का अभियान चल रहा था, सुरक्षा बलों को शनिवार तड़के मुगल रोड से लगे खाबला के विशाल वन क्षेत्र में आतंकवादियों की गतिविधि की सूचना मिली. उन्होंने बताया कि खाबला के वन क्षेत्र में सेना और पुलिस ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया लेकिन संदिग्ध आतंकवादियों का पता नहीं चल सका.
राजौरी-थानामंडी मार्ग पर यातायात बंद
अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर राजौरी-थानामंडी मार्ग पर यातायात को एहतियाती तौर पर रोक दिया गया. इससे पूर्व, 11 अक्टूबर को सुरनकोट जंगल में और 14 अक्टूबर को मेंढर जंगल में तलाशी अभियान के पहले दिन आतंकवादियों के साथ दो अलग-अलग मुठभेड़ों में दो जूनियर कमीशंड अधिकारियों (जेसीओ) सहित 9 सैन्यकर्मी शहीद हो गए थे.

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