November 29, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

एम्बेसी आरईआईटी ने करीब 98 अरब रुपये में किया एम्बेसी टेकविलेज का अधिग्रहण

नयी दिल्ली:- भारत की पहली सावर्जनिक रूप से सूचीबद्ध आरईआईटी, एम्बेसी आरईआईटी ने बुधवार को एम्बेसी टेकविलेज (ईटीवी) की आस्तियों को खरीदने का एलान किया। एम्बेसी स्‍पॉन्‍सर, ब्लैकस्टोन स्‍पॉन्‍सर और अन्य विक्रेता हिस्सेदारों से कुल 97 अरब 82 करोड 40 लाख रुपये (1.3 बिलियन डालर) में इसका अधिग्रहण किया है। अभी यूनिटधारक और विनियामक से इसकी स्वीकृति मिलनी बाकी है। इस अधिग्रहण के अंतर्गत समग्र ईटीवी कैंपस के भीतर लगभग 61 लाख वर्गफुट का पूर्ण निर्मित क्षेत्र, लगभग 3.1 एमएसएफ निर्माणाधीन क्षेत्र (इसमें से 36 फीसदी जगह जेपी मॉर्गन द्वारा पहले ही पट्टे पर लिया जा चुका है) और प्रस्तावित 518 कमरों वाला हिल्टन होटल्स सम्मिलित हैं। एम्बेसी आरईआईटी इस परिसंपत्ति के अधिग्रहण हेतु आरओएफओ के समझौते के तरह अपने अधिकार का प्रयोग कर रही है। एम्बेसी आरईआईटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइक हॉलैंड ने कहा कि, “एम्बेसी टेकविलेज के प्रस्तावित अभिवर्धक अधिग्रहण के साथ हमारे वर्तमान ऑफिस पोर्टफोलियो में एक और शानदार परिसंपत्ति का संकलन होगा। साथ ही हमारे सुदृढ़ नकद प्रवाह में और मजबूती आयेगी। ईटीवी बेंगलुरू के आउटर रिंग रोड उप-बाज़ार में एक अद्वितीय विशाल बिजनेस पार्क है। इसके कब्जाधारकों में जेपी मॉर्गन, सिस्को, सोनी और फ्लिप्कार्ट सहित विविध प्रकार की ब्लू-चिप और प्रधानतः बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ सम्मिलित हैं। इस अधिग्रहण के साथ भारत के सबसे व्यस्त ऑफिस मार्केट, बेंगलुरु में हमारी पकड़ और मजबूत हुई है और सन्निहित वृद्धि प्रदान करने के हमारे पैमाने और क्षमता में काफी वृद्धि हुई है। हमें दो निष्पक्ष मूल्यांकनों के औसत के आधार पर 4.6 फीसदी रियायत पर ईटीवी की गुणवत्ता और विशालता वाली परिसंपत्ति को खरीद कर बेहद खुशी का अनुभव कर रहे हैं। यह अधिग्रहण हमारे यूनिटधारकों के लिए अधिकतम कुल प्रतिलाभ की समग्र रणनीति के बिलकुल अनुकूल है।”

एम्बेसी ग्रुप के चेयरमैन और संस्थापक, जीतेन्द्र वीरवानी ने कहा कि, “हमें आरओएफओ पाइपलाइन के माध्यम से आरईआईटी प्लैटफॉर्म की वृद्धि में सहयोग करने का अपना वचन पूरा करते हुए खुशी हो रही है। एम्बेसी टेकविलेज आरओएफओ हमारी उस वचनबद्धता की पुनः पुष्टि करता है जो हमने आरईआईटी के सूचीकरण के समय पूर्ण निर्मित और भाड़ा देने वाली परिसपत्तियों के लिए अवसरों के प्रवाह के साथ एम्बेसी आरईआईटी के लिए व्यक्त की थी। विगत छह वर्षों में एम्बेसी ग्रुप ने ईटीवी को देश में सबसे बढ़िया ऑफिस परिसंपत्तियों में से एक के रूप में विकसित किया है।”

आरईआईटी इस लगभग 98 अरब रुपये (1.3 बिलियन डॉलर) के अधिग्रहण के लिए लगभग 37 अरब रुपये के संस्थागत नियोजन, और लगभग 23 अरब रुपये के तृतीय पक्ष विक्रेता हिस्सेदारों को यूनिटों के अधिमान्य निर्गम के द्वारा लगभग 60 अरब रुपये की इक्विटी जारी करने का प्रस्ताव किया है। यूनिटों के प्रस्तावित नियोजन से आरईआईटी के पब्लिक फ्लोट बढ़ने, इसके तरलता में सुधार होने और अतिरिक्त मानक वैश्विक इक्विटी सूचकांक में आरईआईटी के संभावित समावेशन के लिए उत्प्रेरक का काम करने की उम्मीद है। आरईआईटी ने मौजूदा ईटीवी ऋण सुविधाओं में इक्विटी और नए कूपन वाले ऋण के निर्गन के संयोजन के माध्यम से लगभग 36 अरब रुपये ($492 मिलियन) तक पुनर्वित्तीयन की भी योजना बना रही है। प्रस्तावित अधिग्रहण के लिए मॉर्गन स्टैनले और कोटक इन्वेस्टमेंट बैंकिंग एम्बेसी आरईआईटी के संयुक्त वित्तीय सलाहकार हैं, जबकि एसऐंडआर एसोसिएट्स तथा क्लिफोर्ड चांस एम्बेसी आरईआईटी के कानूनी सलाहकार हैं। अर्न्स्ट एंड यंग एलएलपी ने वित्तीय एवं कर संबंधी जांच की है और एचएसबीसी सिक्योरिटीज ऐंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया) ने एम्बेसी आरईआईटी के प्रबंधक के स्वतंत्र निदेशकों को निष्‍पक्ष राय प्रदान की है।

%d bloggers like this: