December 1, 2020

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बिहार चुनाव परिणाम में मिली करारी हार के बाद महागठबंधन में मचा घमासान

पटना:- बिहार विधान सभा के चुनाव परिणाम के बाद महागठबंधन में घमासान मच गया है। राहुल गांधी पर राजद नेता शिवानंद तिवारी के बयान से बौखलाये कांग्रेस महासचिव शक्ति सिंह गोहिल ने राजद को औकात बतायी है। गोहिल ने कहा कि राजद को याद है न कि वह जब भी कांग्रेस के बगैर चुनाव लड़ा है तो उसका क्या हश्र हुआ है। गोहिल ने शिवानंद तिवारी को बेहूदा बयान देने वाला आस्तीन का सांप तक कह दिया है। दरअसल, बिहार विधान सभा के चुनाव परिणाम के बाद राजद नेता शिवानंद तिवारी ने कांग्रेस पर हमला बोला था। तिवारी ने बिहार चुनाव में हार के लिए सीधे-सीधे कांग्रेस और राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहराया था। तिवारी ने कहा था कि ‘कांग्रेस जिस तरह से चुनाव लड़ रही है, उससे भाजपा को ही फायदा पहुंच रहा है। उन्होंने 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था लेकिन 70 रैलियां भी नहीं कीं । राहुल गांधी तीन दिन के लिए चुनाव प्रचार करने बिहार आए लेकिन प्रियंका गांधी तो आईं भी नहीं।’ शिवानंद तिवारी ने कहा था कि जब बिहार में चुनाव अपने पूरे शबाब पर था, तब राहुल गांधी शिमला में प्रियंका गांधी के फार्म हाउस पर पिकनिक मना रहे थे।

कांग्रेस का तगड़ा पलटवार, राजद को बतायी हैसियत

शिवानंद तिवारी का यह बयान देश भर में चर्चा में आ गया। लिहाजा सोमवार को कांग्रेस महासचिव और बिहार के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल जवाब देने मैदान में उतरे। गोहिल ने कहा कि क्या शिवानंद तिवारी जैसे नेता बिहार के सियासी इतिहास से परिचित नहीं हैं। क्या वे नहीं जानते कि राजद जब भी कांग्रेस के बगैर चुनाव मैदान में उतरा है, चाहे वह विधानसभा चुनाव हो या लोकसभा चुनाव, तब उसका क्या हश्र हुआ है? गोहिल ने शिवानंद तिवारी को बेहूदा बयान देने वाला आस्तीन का सांप करार दिया है। उन्होंने कहा कि शिवानंद तिवारी जैसे लोग जदयू-भाजपा गठबंधन की सरकार को मदद करने के लिए बयानबाजी कर रहे हैं। शिवानंद ने कितने दफे दल बदला है, वह उन्हें भी याद नहीं होगा। वे जदयू के सांसद रहे हैं और इसलिए जदयू की मदद कर रहे हैं। शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि बिहार में सीट शेयरिंग में कांग्रेस को सही सीटें नहीं दी गयीं। गठबंधन धर्म निभाने के लिए कांग्रेस ने ऐसी सीटें स्वीकार कीं जहां पार्टी का उम्मीदवार पिछले 30-40 सालों में कभी नहीं जीता था। जहां कांग्रेस के पास मजबूत उम्मीदवार था, उन सीटों को बार-बार आग्रह करने के बावजूद राजद ने कांग्रेस को नहीं दिया। इसके बावजूद गठबंधन धर्म निभाया गया। गोहिल ने शिवानंद के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है।

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