November 28, 2020

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रिम्स के नये निदेशक ने पदभार ग्रहण किया, लालू प्रसाद को खाली करना होगा केली बंगला

कहा- किन परिस्थितियों में लालू प्रसाद केली बंगला में रह रहे हैं, उसे देखने के बाद निर्णय लेंगे

रांची:- झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) को स्थायी निदेशक मिल गया है। पद्मश्री डॉ. कामेश्वर प्रसाद ने रविवार को झारखंड स्थापना दिवस पर रांची पहुंचकर पदभार संभाल लिया। उन्हें प्रभारी निदेशक डॉ. मंजू गाड़ी ने पदभार सौंपा। वहीं रिम्स में स्थायी निदेशक के आ जाने के बाद उनके खाली पड़े बंगले में इलाजरत आरजेडी (राष्ट्रीय जनता दल) अध्यक्ष लालू प्रसाद को अन्यत्र स्थापित करने की भी चर्चा तेज हो गयी है।
रिम्स के नये निदेशक डॉ. कामेश्वर प्रसाद ने पदभार ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि आज तो सिर्फ एक बैग के साथ रांची पहुंचे है, फिलहाल गेस्ट हाउस में रहेंगे और फिर यह देखेंगे कि आगे कहां रहना है। रिम्स निदेशक के खाली बंगले में लालू प्रसाद को रखे जाने के संबंध में पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में डॉ. कामेश्वर प्रसाद ने कहा कि किन परिस्थितियों में उन्हें वहां रखा गया है और आगे क्या करना सही होगा, इन सभी बातों की जानकारी हासिल करने के बाद वे फैसला लेंगे।

रिम्स निदेशक के रूप में पदभार ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने कहा कि वे रिम्स को एम्स के जैसा बनायेंगे, वे करीब 40 वर्षां तक एम्स को देख चुके है, वे वहां की खामियों को भी जानते है और उनकी यह कोशिश होगी कि रिम्स भी एम्स दिल्ली की तर्ज पर या उससे बेहतर चिकित्सीय संस्थान के रूप में उभरे। उन्होंने यह भी कहा कि यह कुछ दिनों में संभव नहीं है, वे रास्ता बनाएंगे और संभव है कि एम्स दिल्ली की तरह बनने तक वे यहां न रह सके, लेकिन उनकी यह कोशिश होगी कि रिम्स देश का उत्कृष्ट चिकित्सीय संस्थान बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ा सके। डॉ. प्रसाद ने कहा कि एम्स जैसा संस्थान मरीजों के लिए बेहतर चिकित्सीय सुविधा, बेहतर शिक्षण सुविधा और अनुसंधान बनता है, इस दिशा में कारगर कदम उठाये जाएंगे। उन्होंने कहा कि वे सभी सुविधा मुहैया कराएंगे ताकि राज्य के मरीजों को एम्स जैसे अस्पतालों में रेफर न करना पड़े। रिम्स की सभी खामियों को जल्द से जल्द दूर करेंगे। बाकि सभी रिक्त पदों पर जल्द ही बहालियां होंगी और आने वाले समय में मरीजों को अस्पताल में ही जांच सुविधा मुहैया कराने पर जोर दिया जाएगा।

गौरतलब है कि डॉ डीके सिंह के रिम्स से जाने के बाद डॉ मंजू गाड़ी को प्रभार सौंपा गया था। जिसके बाद रिम्स निदेशक पद के लिए इंटरव्यू देने 16 डॉक्टर पहुंचे थे। इंटरव्यू के बाद डॉ कामेश्वर प्रसाद का चयन कर लिया गया था। एम्स दिल्ली से मुक्त होने के बाद आज रविवार को उन्होंने पदभार ग्रहण कर लिया है।

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