November 23, 2020

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पशुपालकों ने की गोवर्धन पूजा

ठाकुरगंज:- रविवार को गोवर्धन पूजा के मौके पर प्रखण्ड क्षेत्र के पशुपालकों ने अपने-अपने गायों की पूजा कर गोवर्द्धन पूजा का त्योहार मनाया, बताते चले कि गोवर्द्धन पूजा के दिन सभी गाय,बछडों एवम बैल की पूजा की जाती है। जिसके बाद उनके पुराने रस्सियों को बदल नई रस्सी लगाई जाती है, घर की महिलाएं पशुओं को तेल सिंदूर लगा उन्हें पकवान खाने के लिए देती हैं, पूजा के दिन बैल से हल नहीं जोतने की परम्परा भी है। दिपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। इसे देश के कुछ हिस्सों में अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता हैं।

गोवर्धन पूजा के दिन भगवान कृष्ण, गोवर्धन पर्वत और गायों की पूजा की जाती है। इसके पीछे जानकारों के मुताबिक एक बार इंद्रदेव नाराज हो गए थे इसके बाद उन्होंने गुस्से में आकर ब्रजवासियों पर मूसलाधार बारिश करना शुरू कर दिया और ब्रजवासियों को भारी वर्षा से डराना चाहा, किन्तु भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा लिया और गोकुलवासियों को इंद्र देवता के कोप का भाजन बनने से बचा लिया। बताया जाता है कि जब गोकुलवासियों ने गोवर्धन पर्वत के नीचे शरण ली थी तब उन्होंने श्रीकृष्ण को 56 भोग लगाए थे। जिससे प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने भी समस्त गोकुलवासियों की सदैव रक्षा करने का वचन दिया था। इसी के बाद से इंद्र देवता की जगह गोवर्धन पर्वत एवम गायों की पूजा की जाने लगी जो अबतक जारी है ।

संवाददाता पांडव

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