November 27, 2020

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लंग्स ट्रांसप्लांट के बाद मंत्री जगरनाथ महतो का सभी आर्गेन सामान्य रूप से काम कर रहा है-कृषि मंत्री बादल

एशिया व भारत में लंग्स ट्रांसप्लांट का तीसरा मामला

रांची:- झारखंड सरकार के मंत्री जगरनाथ महतो का लंग्स (फेफड़ा) ट्रांसप्लांट के बाद सभी आर्गेन सामान्य रूप से काम कर रहा है और जल्द ही वे पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद जल्द ही वापस कामकाज पर लौट आएंगे। यह जानकारी चेन्नई स्थित एमजीएम अस्पताल से जगरनाथ महतो से मिलकर वापस लौटे कृषि मंत्री बादल ने बुधवार को रांची में पत्रकारों को दी।बीमार होने के दो दिन पहले संकट का था आभास
विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में जगरनाथ महतो ने बताया कि उन्हें शायद पूर्व में ही यह अहसास हो गया था कि वे किसी गंभीर संकट में पड़ने वाले है, संभवतः इसी कारण विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान सुबह में जब उनसे मुलाकात हुई तो, मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा कि पता नहीं उन्हें कुछ ऐसा लग क्यों लग रहा है कि कुछ मुश्किल आने वाली है। उन्होंने अपने पॉकेट से 500 रुपये निकाल कर दिया और बाबा वासुकिनाथधाम में पूजा-अर्चना करने को कहा। इसके बाद उनकी तबीयत खराब होने की सूचना मिली और पहले रिम्स में और फिर मेडिका के बाद चिंताजनक स्थिति में उन्हें चेन्नई स्थित एमजीएम अस्पताल में शिफ्ट किया गया। इस दौरान उन्होंने बाबा वासुकिनाथधाम, रजरप्पा मंदिर और बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर समेत अन्य मंदिरों में प्रार्थना कर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

डोनर मिलने पर सफलतापूर्वक लंग्स ट्रांसप्लांट
कृषि मंत्री ने बताया कि चेन्नई स्थित एमजीएम में भर्ती जगरनाथ महतो का इलाज कर रहे डॉ. अपार जिंदल ने मंगलवार को उन्हें यह सूचना दी गयी कि लंग्स ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि फेफड़ा प्रत्यारोपण की पूरी प्रक्रिया में करीब साढ़े नौ घंटे का समय लगा। इससे पहले मंत्री के लिए जरूरत की खून जुटायी गयी और खराब फेफड़े को निकाल कर डोनर से मिले फेफड़े को लगा दिया गया। इसके बाद मंत्री जगरनाथ महतो को एकमो मशीन से हटा दिया गया है। कोरोना संक्रमित शिक्षा मंत्री एशिया और भारत के तीसरे शख्स है, जिनका लंग्स ट्रांसप्लांट किया गया है।

26 सितंबर को कोरोना पॉजिटिव हुए

गौरतलब है कि 26 सितंबर को जगरनाथ महतो कोरोना से संक्रमित पाए गए थे।कोरोना से संक्रमित होने के बाद जगरनाथ महतो को पहले रांची के रिम्स में भर्ती कराया गया था। इसके बाद 18 दिनों तक वे रांची के ही प्राइवेट अस्पताल मेडिका में भर्ती रहे। मेडिका में भी उनकी हालत में सुधार नहीं होने पर 19 अक्तूबर को एयर एंबुलेंस के जरिए चेन्नई भेजा गया। अभी उनका इलाज चेन्नई के पल्मोनोलॉजी एंड चेस्ट विभाग में किया जा रहा है। 10 दिनों तक शिक्षा मंत्री को एकमो मशीन पर रखा गया, लेकिन कोई सुधार नहीं होने के बाद इसी महीने की शुरुआत में लंग्स ट्रांसप्लांट पर सहमति बनाई गई थी और डोनर मिल जाने के बाद सफलतापूर्वक लंग्स ट्रांसप्लांट किया गया।

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