November 27, 2020

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पहली बार विधायक बने प्रो. ललित नारायण मंडल की जीत के प्रति आश्वस्त थी पत्नी उषा

भागलपुर:- जिले के सुल्तानगंज विधानसभा क्षेत्र से एनडीए गठबंधन के जदयू प्रत्याशी प्रो. ललित नारायण मंडल ने महागठबंधन के कांग्रेस प्रत्याशी ललन कुमार यादव को पराजित कर पहली बार विधायक बनने का गौरव हासिल किया। साथ ही इस सीट पर जदयू का कब्जा भी बरकरार रखा। उनके जीत दर्ज करने पर सुल्तानगंज एवं उनके घर-परिवार में खुशी है। उनकी शिक्षिका पत्नी उषा कुमारी बुधवार को विधानसभा क्षेत्र की जनता को बधाई देते हुए कहा कि मैं अपने पति की जीत के प्रति आश्वस्त थी।

मुरारका कॉलेज सुल्तानगंज के भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. ललित नारायण मंडल को इस सीट से पार्टी का प्रत्याशी बनाया गया था। जो इसी प्रखंड के असियाचक पंचायत स्थित मंझली गांव के रहने वाले हैं। 15 अक्टूबर 1958 को एक किसान परिवार में जन्म लेने वाले प्रो. ललित नारायण मंडल वर्तमान में अपने परिवार के साथ नगर की कृष्णानंद स्टेडियम के पश्चिम स्थित मोहल्ले में रहते है। इनके पिता छबिला मंडल एक छोटे किसान थे। जबकि माता गिरिजा देवी घरेलू महिलाa थी। अपने माता-पिता के ये इकलौते पुत्र हैं। मैट्रिक द्वितीय श्रेणी से 1973 में उच्च विद्यालय जलालाबाद असरगंज मुंगेर से, 1975 में मारवाड़ी कॉलेज भागलपुर से इंटर साइंस द्वितीय श्रेणी से एवं आरडीजे कॉलेज मुंगेर से वर्ष 1977 में स्नातक भौतिकी विषय से प्रथम श्रेणी से किया। टीएमबीयू भागलपुर से वर्ष 1981 में पीजी एवं पीएचडी शोध का विषय कुछ ऑर्गेनिक पदार्थ के विद्युत गुण से वर्ष 1983 में किया। इसके बाद 28 फरवरी 1983 को बीएनएम कॉलेज बड़हिया में बतौर प्राध्यापक पद पर पहला योगदान दिया। यहां से 5 अक्टूबर 1991 को मुरारका कॉलेज सुल्तानगंज में आकर योगदान दिया। इनकी पत्नी उषा कुमारी नगर की आदर्श मीडिल स्कूल सुल्तानगंज में सहायक शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। 30 वर्ष से सरकारी सेवा में है। इन्हें एक पुत्र आशिष रंजन जो मैकेनिकल इंजिनियर है, तथा आईएएस की तैयारी कर रहे है। जबकि दो पुत्री में एक रत्ना किशोर की शादी हो चुकी है। दुसरी पुत्री खुशबु बंगलोर में एक अमेरिकन कंपनी में कार्यरत है। वे बीटेक की पढ़ाई की है। मंडल वर्ष 2000 से 2005 तक दो टर्म में समता पार्टी के सुल्तानगंज प्रखंड अध्यक्ष रहे। उसी पार्टी में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रहे। जदयू पार्टी गठित होने पर जिला महासचिव बने।पार्टी की सरकार बनने के बाद प्रदेश महासचिव और फिर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार समिति के सदस्य बने। मुंगेर में संगठन प्रभारी रहे। बांका लोकसभा के चुनाव प्रभारी रहे। पूर्व विधायक सुबोध राय के चुनाव एजेंट रहे। टीएमबीयू सिंडिकेट सदस्य रहे।इसके साथ ही मंडल मुरारका काॅलेज सुल्तानगंज शिक्षक संघ के अध्यक्ष तथा भूटा के वर्तमान में उपाध्यक्ष है।सुल्तानगंज के पूर्व प्रमुख जागेशवर मंडल के करीबी रहने से इन्होने राजनीतिक ज्ञान हासिल की। लेकिन छात्र जीवन में हीं जयप्रकाश नारायण एवं जार्ज फरणाडिज का भाषण सुनकर राजनीति में आने के लिए प्रेरित हुए।अपना आदर्श जननायक कर्पूरी ठाकुर को मानते है। 1990 के बाद बिहार में बने जनता दल में लालू और नीतीश के करीब आए। जनता दल से अलग होकर नीतिश कुमार ने जब समता पार्टी फिर बाद में जदयू बनाया तो उसी समय नीतिश कुमार के साथ हुए। तब से राजनीतिक गुरू नीतिश कुमार को मान रहे है।

विधायक ललित नारायण मंडल ने कहा कि मुझे भारी मतों से जो जीत मिली है उसका मुख्य श्रेय सुल्तानगंज विधानसभा की जनता का है। इसके बाद एनडीए के कार्यकर्ताओं का व नीतीश कुमार एवं सुशील मोदी का है। मैं सभी का हार्दिक दिल से अभिनंदन करता हूं।

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