December 3, 2020

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बिहार चुनाव में LJP की हार से बौखलाए चिराग पासवान ! दे डाला ऐसा बयान

पटना:- बिहार विधानसभा की 243 सीटों पर तीन चरणों में हुए मतदान की मंगलवार को मतगणना शुरू हुई। मतगणना शुरू होने पर रुझानों में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेतृत्व वाले महागठबंधन ने एनडीए पर बढ़त बना ली। ये बढ़त सुबह के 11 बजे तक रही और फिर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने बहुमत के लिए महागठबंधन पर अपनी बढ़त बना ली। हालांकि सीटों के मामले में एनडीए में भाजपा को जहां फायदा हुआ है वहीं जद यू को नुकसान हुआ है। इस बीच एलजेपी की हार को लेकर पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि बिहार चुनाव में भाजपा को फायदा पहुंचाना और जदयू को नुकसान करना ही उनका लक्ष्य था और वह इसमें सफल हुए हैं। पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में चिराग ने कहा कि उनकी पार्टी को पहले की अपेक्षा वोट प्रतिशत अधिक मिले हैं। पार्टी का जनाधार मजबूत हुआ है। एक सवाल के जवाब में एलजेपी अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र में लोजपा एनडीए का हिस्सा है और आगे भी बनी रहेगी।

पार्टी की हार देखकर इससे पहले चिराग ने ट्वीट किया था कि सभी लोजपा प्रत्याशी बिना किसी गठबंधन के अकेले अपने दम पर शानदार चुनाव लड़े। पार्टी का वोट शेयर बढ़ा है।लोजपा इस चुनाव में बिहार1st बिहारी1st के संकल्प के साथ गई थी। पार्टी हर ज़िले में मज़बूत हुई है। इसका लाभ पार्टी को भविष्य में मिलना तय है। बता दें कि एनडीए से अलग होकर चुनाव मैदान में उतरी एलजेपी को एक ही सीट पर संतोष करना पड़ा। लेकिन उसने जदयू को डेढ़ दर्जन सीटों पर नुकसान पहुंचाया है। वहीं चार सीटों पर वीआईपी और एक सीट पर हम को क्षति पहुंचाया है। लोजपा एक सीट मटिहानी जीती है, जहां उसने जदयू को ही हराया है। एकमा से जदयू की सीता देवी राजद के श्रीकांत यादव से करीब 14 हजार वोट से हारीं। यहां पर लोजपा उम्मीदवार कामेश्वर सिंह मुन्ना को करीब 30 हजार वोट मिले। दिनारा से लोजपा उम्मीदवार राजेंद्र सिंह दूसरे स्थान पर रहे और राजद को जीत मिली। यहां जदयू तीसरे नंबर पर चला गया। लोजपा और जदयू का वोट जोड़ दें तो वह राजद को मिले मत से 19 हजार अधिक होता है। चुनाव के दौरान लोजपा अध्यक्ष चिराग ने नया चुनावी नारा दिया था- ‘नीतीश कुआं तो तेजस्वी खाई, लोजपा-भाजपा सरकार बनाई’। भले ही एनडीए को बहुमत मिला और महागठबंधन सत्ता से दूर रह गया, लेकिन नतीजों के आंकड़ों को खंगालने पर कई दिलचस्प बातें सामने आ रही हैं। तेजस्वी यादव ने वोटों और सीटों के मामले में बीजेपी को पटखनी जरूर दी है। 2015 विधानसभा चुनाव के आंकड़ों से तुलना करने पर और भी रोचक तथ्य मिलते हैं। तीन चरणों में 243 सीटों पर हुए चुनाव में एनडीए को 225 सीटें हासिल हुईं तो महागठबंधन ने 110 सीटों के साथ कड़ी टक्कर दी। एनडीए के सहयोगी दलों की बात करें तो बीजेपी को 74, जेडीयू को 43, वीआईपी और हम को 4-4 सीटें मिली हैं। सबसे बड़ी पार्टी आरजेडी है, जिसे 75 सीटें मिली हैं। कांग्रेस को 19 और वाम दलों को कुल 16 सीटें मिली हैं।

किसे कितने वोट मिले-

सबसे अधिक 23.1 फीसदी मत आरजेडी को मिले हैं। कुल 97 लाख 36 हजार 242 लोगों ने ईवीएम में लालटेन के सामने का बटन दबाया। वहीं, इस मामले में बीजेपी दूसरे नंबर पर है जिसे 19.46 फीसदी लोगों ने वोट दिया यानी 82 लाख 1 हजार 408 वोटर्स ने कमल का बटन दबाया। सातवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे नीतीश कुमार की पार्टी को 15.4 फीसदी यानी 64 लाख 84 हजार 414 लोगों ने वोट दिया। कांग्रेस को 9.5 पीसदी मतदाताओं यानी 39 लाख 95 हजार 3 वोटर्स ने वोट दिया। एलजेपी 5.66 फीसदी (23 लाख 83 हजार 457) वोटों के साथ 1 सीट पर ही जीत दर्ज कर पाई वहीं एआईएमआईएम 1.24 फीसदी यानी 5 लाख 23 हजार 279 वोट लेकर 5 सीटें जीत गई। अन्य के खातों में 18.8 फीसदी वोट गए हैं।

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