December 5, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार को जेएनयू में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का करेंगे अनावरण

नई दिल्ली:- दुनिया में ‘ऑक्सफॉर्ड ऑफ ईस्ट’ यानि पूर्वी दुनिया का ऑक्सफोर्ड कहे जाने वाले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की 157वीं जयंती के मौके पर उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित होगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इस प्रतिमा का अनावरण करेंगे। स्वामी विवेकानंद के नाम से विख्यात नरेन्द्र नाथ दत्त का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था। वह वेदान्त के प्रसिद्ध ज्ञाता थे। जेएनयू के कुलपति एम. जगदीश कुमार ने एक बयान जारी कर कहा, विश्वविद्यालय को यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 12 नवम्बर को विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक भी आमंत्रित हैं। उन्होंने कहा कि इस मौके पर स्वामी विवेकानंद पर एक व्याख्यान का भी आयोजन किया जाएगा। कुलपति ने कहा, स्वामी विवेकानंद भारत के सबसे लोकप्रिय बुद्धिजीवियों और आध्यात्मिक गुरुओं में से एक थे। उन्होंने स्वतंत्रता, विकास, सद्भाव और शांति के अपने संदेश से भारत के युवाओं को गौरवान्वित किया। उन्होंने नागरिकों को भारतीय सभ्यता और संस्कृति पर गर्व करने के लिए प्रेरित किया। स्वामी विवेकानंद हमेशा भारतीयों की शिक्षा और कल्याण की बात करते थे कि शिक्षा से ही व्यक्ति का विकास हो सकता है। खासकर समाज के निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए यह संजीवनी की तरह होता है। शिक्षा से व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ सम्पूर्ण देश का विकास होता है।

जगदीश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने भाषणों और लेखों में अकसर स्वामी विवेकानंद के जीवन और मिशन का उल्लेख कर उनके पद चिन्हों पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हुए कुलपति ने कहा, जेएनयू आभारी है कि इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने जेएनयू समुदाय को विश्व समुदाय के बीच संबोधित करने के लिए अपनी सहमति दी है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा को जेएनयू के पूर्व छात्रों के समर्थन से विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित किया गया है, जिसके लिए विश्वविद्यालय उनका आभारी है। इस पूरे कार्यक्रम को जेएनयू के फेसबुक अकाउंट से सीधा प्रसारित किया जाएगा।

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