December 3, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

चतरा में मौत के पुल से होकर रोजाना गुजरती है कई जिंदगियां

देशी जुगाड़ टेक्नोलॉजी के जरिए ग्रामीणों ने कर डाला पुल का निर्माण

चतरा:- चतरा जिले में सरकार के विकास वाले वादे फेल होते नजर आ रहे हैं। क्योंकि विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने अथवा व्यवस्था पर ठेकेदार भारी पड़ रहे हैं। दरअसल हम बात कर रहे हैं चतरा जिले के नक्सल प्रभावित पत्थलगड़ा प्रखंड के बोगासाड़म गांव की, जहां की एक महत्वपूर्ण बुध नदी पर पुल के निर्माण कार्य को ठेकेदार आधे-अधूरे हालत में छोड़ विगत तीन सालों से फरार है। बताते हैं कि बोगासाड़म गांव के ग्रामीणों द्वारा अर्ध निर्मित पुल के संदर्भ में शासन- प्रशासन के लोगों के समक्ष कई बार गुहार लगाकर उन लंबित कार्य को अविलंब पूरा किये जाने की फरियाद की गई। किंतु इस ओर अब तक ध्यान नहीं दिया गया और यहां की ग्रामीण जनता राज्य की हेमंत सरकार को कोस रही हैं।
दूसरी ओर इस व्यवस्था से जब ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया तो लोगों ने अपनी समस्या खुद ही सुलझाने की ठानी और बहती नदी पर पूरे देशी जुगाड़ वाली टेक्नोलॉजी से बांस- बल्ली का सहारा लेकर पुल बना लिया। इधर लोगों का कहना है कि अगर सरकार चाहती तो तीन सालों में अधूरे पुल का निर्माण कार्य करा सकती थी तथा इंजीनियर व ठेकेदार सलाखों के पीछे होते। कहते हैं कि तीन सालों से जान जोखिम में डालकर नदी पार नहीं करना पड़ता। वहीं इन ग्रामीणों का कहना है कि ये राज्य की हेमंत सरकार से भी काफी रुष्ट है जो सिर्फ विकास के कोरे वायदे करती है। इधर जब इस मामले को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी मोनी कुमारी से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जांच कर दोषी ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी और जल्द पुल का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
गौरतलब है कि वर्ष 2017 में चतरा जिले के पत्थलगड़ा प्रखंड के बोगासाड़म बुध नदी पर पुल का निर्माण कराया जाना था। निर्माण कार्य की शुरुआत तो की गई लेकिन आज तक यह पुल अपना मुकाम हासिल नहीं कर सका। ऐसे में ग्रामीणों को कई परेशानियां उठानी पड़ी और लोगों को अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ा। बताते हैं कि इस रास्ते से बोगासाड़म, नावाडीह, डमौल, जगरनाथी, सिकरी, पत्थलगड़ा समेत दर्जनों गांवों के हजारों लोग जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं।

Recent Posts

%d bloggers like this: