December 3, 2020

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झारखंड कैबिनेट ने आदिवासी सरना धर्म कोड लागू करने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेजने पर दी सहमति

रिम्स में एमबीबीएस की सीटें 150 से बढ़कर 250 होगी

रांची:- झारखंड सरकार की ओर से वर्ष 2021 के जनगणना में आदिवासियों के लिए अलग से आदिवासी सरना धर्म कोड लागू करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार देर शाम तक चली बैठक में इस आशय से संबंधित प्रस्ताव पर सहमति प्रदान कर दी गयी।
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक समाप्त हो जाने के बाद मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का ने बताया कि सरना धर्म मानने वाले लोगों द्वारा कई वर्षां से इसकी मांग की जा रही थी, जबकि कई पूर्व विधायकों और विधायकों की ओर से भी सरकार को आवेदन सौंपा गया था। जिस पर विचार करने के बाद राज्य सरकार ने आदिवासी सरना धर्म कोड को राज्य में लागू करने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेजने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में भारत की जनगणना में परिवार की अनुसूची में धर्म का एक कॉलम भी, जिसमें हिन्दू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध और जैन समेत अन्य धर्मां के लिए अलग-अलग कोड की व्यवस्था थी, वहीं कॉलम में उपलब्ध नहीं रहने वाले धर्म को मनाने वाले लोगों के लिए अन्य का कॉलम था, लेकिन उसके लिए कोई अलग से कोड की व्यवस्था नहीं थी। इसे देखते राज्य सरकार ने आदिवासी सरना धर्म कोड को लागू करने को लेकर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया है।
कैबिनेट सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 20प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी। एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य को भी सहमति दी गयी। इसके तहत एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव में धान खरीद के समय ही किसानों को 50 प्रतिशत राशि उनके बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से भेजी दी जाएगी, शेष राशि भी जल्द ही किसानों के खाते में भेज दी जाएगी। वहीं कौशल विकास विभाग अब फिर से श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के अंतर्गत आ जाएगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज रांची में देर शाम तक चली कैबिनेट के बैठक के बाद मंत्रिमंडलीय सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि रांची स्थित रिम्स में एमबीबीएस की सीट को 150 से बढ़ाकर 250 करने के लिए केंद्र सरकार के साथ होने वाले एमओयू को प्रारूप को मंजूरी दे दी गयी। इसके तहत रांची 60 फीसदी राशि केंद्र सरकार व 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करेगी। 120 करोड़ रुपये की इस योजना में 72करोड़ केंद्र सरकार व शेष 48 करोड़ राज्य सरकार खर्च करेगी।

वेतनमान संशोधित करने की स्वीकृति

एक पंचम झारखंड विधानसभा का चतुर्थ (विशेष) सत्र 11 नवंबर 2020 को आहूत करने एवं तत्संबंधी औपबंधिक कार्यक्रम पर मंत्रिपरिषद की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2020-21 के प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा किशोर कुमार एवं अन्य बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य में पारित न्यायादेश के अनुपालनार्थ जल संसाधन विभाग में जंजीर वाहक-चेनमैन के पद का वेतनमान संशोधित करने की स्वीकृति दी गई। वहीं रांची में 02 (दो) एवं धनबाद में 04 (चार) गठित विशेष सीबीआई न्यायालयों के लिए बाह्य स्रोत से सृजित क्रमशः 2 एवं 4 कुल 6 आदेशपाल के पदसृजन संबंधी निर्गत राज्यादेश में त्रुटिवश अंकित वेतनमान को विलोपित करने की स्वीकृति दी गई। जबकि झारखंड स्वावलंबी सहकारी समितियां अधिकरण नियमावली, 2020 की स्वीकृति दी गई। एक अन्य प्रस्ताव में राज्य सरकार की अनुसूचित दर 2018 के आधार पर राज्य सरकार के आवश्यक कार्यों को कार्यान्वित किए जाने की घट्नोत्तर स्वीकृति दी गई। जबकि झारखंड खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकार अधिनियम, 2000 की धारा-90(क)(1) के प्रावधानों के तहत बाजार फीस प्रभार्य होने वाली वस्तुओं में संशोधन की स्वीकृति दी गई। 31 मार्च 2018 को समाप्त हुए वर्ष का झारखंड सरकार के वित्त लेखे भाग-1 व 2 एवं विनियोग लेखे पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक के प्रतिवेदन को झारखंड विधानसभा के पटल पर उपस्थापन की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। वहीं 31 मार्च 2018 को समाप्त हुए वर्ष का झारखंड सरकार के राज्य वित्त पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक के प्रतिवेदन को झारखंड विधानसभा के पटल पर उपस्थापन की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। माह अक्टूबर 2020 से दिसंबर 2020 तक कोविड-19 वैश्विक महामारी से उत्पन्न आर्थिक स्थिति के कारण निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत राजस्व में 20प्रतिशत की कमी करने की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।जबकि चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 में विधायक योजना अंतर्गत क्ब् विपत्र लंबित रहते हुए भी आवंटित राशि की एकमुश्त निकासी की स्वीकृति के संबंध में निर्गत विभागीय संकल्प संख्या-3792 दिनांक 6 नवंबर 2020 पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। वहीं “कौशल विकास कार्यक्रम“ का कार्यान्वयन “उच्च तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग“ से पृथक कर श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग में जोड़े जाने हेतु झारखंड कार्यपालिका नियमावली, 2000 (समय-समय पर यथा संशोधित) के प्रथम अनुसूची में अंकित विभागों की सूची में संशोधन करने की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2020-21 में कृषकों को विभिन्न योजनाओं में बीज आपूर्ति हेतु बीज विनिमय एवं वितरण कार्यक्रम तथा बीजोत्पादन योजना अंतर्गत बीजों के प्रभेद का संशोधन करते हुए बीज आपूर्ति हेतु झारखंड राज्य बीज वितरण नीति, 2011 के कंडिका-6 तथा झारखंड वित्त नियमावली-235 को शिथिल करते हुए तथा झारखण्ड वित्त नियमावली- 245 के आलोक में राष्ट्रीय बीज निगम, नई दिल्ली को नामित करने की स्वीकृति दी गई।
मंत्रिमंडल ने झारखंड संपूर्ण बिजली आच्छादन योजना अंतर्गत शेष बचे हुए कार्यों को पूर्ण करने हेतु दिसंबर 2021 तक योजना के अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गई। जबकि स्वर्गीय लहसू असुर भूतपूर्व लिपिक प्रखंड कार्यालय बोलवा सिमडेगा के आश्रित पत्नी सबीना केरकेट्टा की अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति हेतु आवेदन पत्र समर्पित करने की समय सीमा क्षान्त करने के संबंध में स्वीकृति दी गई । वहीं वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के कारण एनसीटीई रेगुलेशन -2014 के आलोक में राज्य के मान्यता प्राप्त बी0 एड0 महाविद्यालयों में सत्र 2020-22 के लिए नामांकन हेतु संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित किए बिना मेधा सूची तैयार करने एवं काउंसलिंग एजेंसी के रूप में जे0सी0ई0सी0ई0बी0, रांची को प्राधिकृत करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। प्रोफेसर स्टीफन मरांडी कार्यकारी अध्यक्ष राज्य 20सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति झारखंड (मंत्री दर्जा प्राप्त)को अनुमान वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई ।

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