November 27, 2020

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अक्टूबर में पैसेंजर कारों की रिटेल बिक्री 9% गिरी, टूव्हीलर सेल्स को 27% का झटका

नई दिल्ली:- अक्टूबर माह में यात्री कारों की खुदरा बिक्री साल दर साल आधार पर 8.8 फीसदी घटकर 2,49,860 यूनिट रह गई। आपूर्ति संबंधी मुद्दों के चलते वाहनों का रजिस्ट्रेशन धीमा पड़ा है। यह बात फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) ने कही है। फाडा के मुताबिक, यात्री कारों की बिक्री एक साल पहले अक्टूबर 2019 में 2,73,980 यूनिट रही थी। फाडा देशभर के 1,464 क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में से 1,257 कार्यालयों से व्हीकल रजिस्ट्रेशन के आंकड़े जुटाती है। टूव्हीलर्स की बिक्री की बात करें तो यह पिछले माह 26.82 फीसदी घटकर 10,41,682 यूनिट रह गई। एक साल पहले अक्ट्रबर 2019 में यह बिक्री 14,23,394 वाहन की रही थी। कमर्शियल व्हीकल्स की बिक्री भी 30.32 फीसदी घटकर 44,480 यूनिट रह गई। एक साल पहले इसी माह में बिक्री 63,837 वाहन रही थी। इसी तरह थ्रीव्हीलर्स की बिक्री भी अक्टूबर में 64.5 फीसदी घटकर 22,381 वाहन रही। एक साल पहले इसी माह अक्टूबर में यह बिक्री 63,042 यूनिट रही थी। हालांकि, इस दौरान ट्रैक्टर की बिक्री 55 फीसदी बढ़कर 55,146 यूनिट तक पहुंच गई। एक साल पहले इसी माह के दौरान यह बिक्री 35,456 यूनिट रही थी। कुल मिलाकर पिछले माह सभी तरह के वाहनों की बिक्री एक साल पहले के इसी माह के मुकाबले 23.99 फीसदी घटकर 14,13,549 यूनिट रही। वहीं एक साल पहले अक्ट्रबर में यह 18,59,709 यूनिट रही थी। फाडा के अध्यक्ष विंकेश गुलाटी ने बिक्री आंकड़ों के बारे में कहा कि नवरात्रि के दौरान वाहनों के बिक्री रजिस्ट्रेशन में तेजी रही लेकिन इसके बावजूद अक्टूबर माह में वाहनों की बिक्री पिछले साल इसी माह के मुकाबले कम ही रही। हालांकि पिछले साल नवरात्रि, दिवाली अक्टूबर माह के दौरान ही पड़ी थीं। गुलाटी ने कहा कि नये वाहनों को लेकर अच्छी मांग रही लेकिन एंट्री लेवल मोटरसाइकिल को लेकर मांग कमजोर ही रही। स्थानीय सामान के आवागमन को लेकर जहां छोटे कमर्शियल वाहनों को लेकर अच्छी मांग रही, वहीं मध्यम और हैवी कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में लगातार भारी गिरावट रही।
फाडा ने सरकार से आग्रह किया है कि वह जल्द ही प्रोत्साहन आधारित वाहन की कबाड़ नीति की घोषणा करे। संगठन ने सरकार से यह भी आग्रह किया कि जिन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रॉजेक्ट्स को उसने ठेके पर दे दिया है उनके लिए वह कोष जारी करे। सरकार के ऐसा करने से मांग बढ़ेगी और वाहनों का उत्पादन भी बढ़ेगा।

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