November 25, 2020

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नोटबंदी से भाजपा के भ्रष्टाचार का चेहरा उजागर हुआ-रामेश्वर उरांव

रांची:- झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सह राज्य के वित्त तथा खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने विमुद्रीकरण के चार वर्ष पूरे होने पर भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि नोटबंदी से भाजपा के भ्रष्टाचार का चेहरा उजागर हुआ है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बावजूद 99.30 विमुद्रीकृत धन व्यवस्था में वापस आ गया, वहीं असंगठित क्षेत्र पूरी तरह से नष्ट हो गया। डॉ. उरांव आज रांची स्थित प्रदेश कांग्रेस भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नोटबंदी के बावजूद 99.30 प्रतिशत विमुद्रीकृत धन व्यवस्था में वापस आना बताता है कि काला धन को नहीं मिटाया जा सका, इससे गरीब और मध्यम वर्ग प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि नोटबंदी ने किसानों का पैसा बर्बाद किया, 26.3करोड़ किसानों में ज्यादातर कैश अर्थव्यवस्था पर निर्भर है, जो नोटबंदी से बुरी तरह से प्रभावित हुए। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नोटबंदी के बाद के वर्ष में 1.38लाख क्विंटल गेहूं के बीज राष्ट्रीय बीज निगम के नहीं बिके, जो यह बताता है कि किसानों की स्थिति खराब हुई। उन्होंने कहा कि नोटबंदी ने भारतीय आजीविका को नष्ट किया और श्रम बल भागीदारी 47 प्रतिशत से घटकर 44 प्रतिशत हो गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नोटबंदी से मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ, नोटबंदी के ठीक बाद अनौपचारिक मजदूरों के रोजगार में 39 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी, वहीं नोटबंदी के कई वर्षां तक नौकरियों के खत्म होने का सिलसिला जारी है, सिर्फ 2018 में असंगठित क्षेत्र में एक करोड़ 1 लाख नौकरियां खत्म हो गयी। उन्होंने कहा कि नोटबंदी भाजपा का सबसे बड़ा विश्वासघात है, इसका दिखावटी उद्देश्य भले ही काले धन को समाप्त करना , नकली मुद्रा को हटाना और आतंकी वित्तपोषण को रोकना है, लेकिन वास्तविक इरादा असंगठित क्षेत्र को नष्ट करना, भाजपा के करीबी 2 से 3 पूंजीवादी मित्रों की सहायता करना और भारत के गरीबों, किसानों, मजदूरों, छोटे दुकानदारों पर हमला करना है।
डॉ. उरांव ने कहा कि नोटबंदी का असर असंगठित क्षेत्रों व्यापक रूप से पड़ा, इसका खामियाजा असंगठित क्षेत्र के 55 प्रतिशत निर्माण श्रमिकों, 71 प्रतिशत रेहड़ी विक्रेता और 50 प्रतिशत व्यापार को भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा कि नोटबंदी विश्वासघात के अलावा और कुछ नहीं है 200 और 500 के नये जाली नोट की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सबसे दुःखद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के स्टंट ने भारत में 100 लोगों की जान ले ली। उन्होंने कहा कि भाजपा के विश्वासघात से भारत को आघात हुआ, नोटबंदी ने पूरी तरह से अर्थव्यवस्था को नष्ट कर दिया। दिसंबर 2016 में जीडीपी विकास दर 8.6 प्रतिशत था,जो मार्च 2020 में घटकर 3.1 प्रतिशत हो गया और कोरोनाकाल में यह दर नाकारात्मक हो गया है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी को पहले ही वर्ष में 2.25 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, आर्थिक कुप्रबंधन व नोटबंदी करने और बड़े नोट को वापस लेने से गरीब, युवा और अनौपचारिक क्षेत्र के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, जबकि बैंकों को कर्ज वापस नहीं लौटाने वाले पूंजीपतियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

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