November 29, 2020

अनावरण न्यूज़

एक नयी सुबह का

लखनऊ में आईपीएल ट्रॉफी का सट्टेबाज गिरफ्तार

लखनऊ:- उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स(एसटीएफ) ने लखनऊ के आलमबाग क्षेत्र से आईपीएल ट्राफी के एक सट्टेबाज को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ सूत्रों ने शनिवार को यहां बताया कि एसटीएफ लखनऊ की टीम ने शुक्रवार रात क्रिकेट की आईपीएल ट्राफी के सट्टेबाज/बुकी गगनदीप सिंह रेखी उर्फ रिक्की को गिरफ्तार किया है। उसके पास से सट्टेबाजी में प्रयुक्त उपकरण एवं सट्टेबाजी से प्राप्त धन तथा सट्टा लगाने वालों का विवरण बरामद किया गया है। उन्होंने बताया कि गगनदीप सिंह रेखी उर्फ रिक्की राजधानी लखनऊ में आलमबाग क्षेत्र के भिलावा चन्दरनगर का निवासी है। उन्होंने बताया कि उसके पास से चार लाख 69 हजार रूपये नगद तथा तीन मोबाइल फोन जिसका प्रयोग आन लाइन सट्टे बाजी में भाव लगाने के लिये किया जाता था। इसके अलावा एक अभिलेखों का बंडल, जिसमें सट्टे का आंकड़ा अंकित है, डी0एल0, आधार कार्ड, मेमोरी कार्ड तथा तीन सिम कार्ड बरामद किये है। पूछताछ में गगनदीप सिंह रेखी ने बताया कि उसका मेन बुकी आलमबाग के सुजानपुर निवासी अनवर है। उसके पंटर जावेद और रिंकू हैं। उसके पास से बरामद मोबाइल फोन को डिब्बा फोन कहते है। इस समय यह सीधी लाइन से जुड़ा हुआ है। इसे दूरभाष से आई0पी0एल0 मैच खेल रही टीमों के भाव बताये जाते हैं। यदि डिब्बा फोन से 5052 पंजाब बोला गया तो 50 पंजाब का तथा 52 विरोधी टीम का भाव है। इस भाव पर जिस टीम का नम्बर पहले बोला जाता है वह जीताऊ टीम तथा जिसका भाव बोला जाता है, उसे लंगड़ी टीम (हारने वाली टीम) कहते हैं। सट्टे की भाषा में मेरा डिब्बा फोन को बुकी बोला जाता है। मुख्य डिब्बा फोन से उसके जैसे कई बुकी कनेक्शन लिये हुए हैं। इस कनेक्शन का पैसा हर माह अदा करना होता है। उसके जैसे बुकी से भाव जानकर पैसे का दांव लगाने वाले खिलाड़ियों को पंटर बोला जाता है। प्रत्येक पंटर खेलने के लिए बुकी के पास अग्रिम धनराशि जमा कराता है तथा कमाए गये दांव के आधार पर हुई हार जीत के आधार पर मैच के अन्त में बुकी द्वारा पंटर का हिसाब किया जाता है। जीती हुई धनराशि बुकी द्वारा पंटर को अदा की जाती है तथा हारने पर पंटर द्वारा जमा की गयी अग्रिम धनराशि बुकी द्वारा काट ली जाती है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक दांव पर बुकी को कमीशन के रूप में निर्धारित धनराशि भी मिलती है। पंटर के फोन करने पर मैच के दौरान बुकी उस डिब्बा फोन से मिले भाव बताता है। भाव सुनकर पंटर अपने दांव लगाता है। जिस फोन से पंटर से बुकी के रूप में वह बात करता है उसमें रिकार्डिंग होती है ताकि हिसाब में विवाद होने की दशा में सबूत के तौर पर सुनाया जा सके। इसके अतिरिक्त सादे कागज पर भी पंटर के नाम समेत भाव तथा उसके द्वारा दांव पर लगायी गयी धनराशि लिखी जाती है। एसटीएफ ने बताया कि पूछताछ पर प्रकाश में आये अन्य आरोपियों के गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आलमबाग थाने में मामला दर्अज किया गया है। पुलिस मामले की छानबीन के रही है।

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