November 28, 2020

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शतरंज संघ के मानद महासचिव शंकर दत्ता हुए सेवानिवृत्त

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किशनगंज:- जिला शतरंज संघ के मानद महासचिव शंकर नारायण दत्ता शनिवार को कार्य दिवस के समाप्ति के बाद अपनी बैंकिंग सेवा से निवृत्त हुए। रूईधासा किशनगंज निवासी श्री दत्ता पिछले 7 वर्षों से ठाकुरगंज प्रखंड में स्थित कादोगांव के भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में मुख्य सहयोगी (चीफ एसोसिएट) के रूप में पदस्थापित थे। शनिवार की देर शाम समारोह पूर्वक इन्हें विदाई दी गयी। विदाई समारोह में शाखा प्रबंधक प्रह्लाद कुमार सिंह, ग्राहक सहायक प्रमोद कुमार शर्मा, मुख्य संदेशवाहक मोहब्बत लाल राय, अन्य अस्थाई कर्मचारी शरत लाल राय, दिलीप कुमार शर्मा, धीरज कुमार राय, राजेश दास, किशनगंज शाखा के यूनिट सेक्रेटरी संघ के संयुक्त सचिव अभिषेक कुमार, संघ के वरीय संयुक्त सचिव कमल कर्मकार सहित कई उनके शुभचिंतक जन मौजूद थे।श्री दत्ता वर्ष 1982 में बैंकिंग सेवा में लिपिक-सह-रोकड़िया पद पर योगदान दिया। अपने 38 वर्ष के कार्यकाल में उन्होंने मधेपुरा, तेलता, किशनगंज एवं कादोगांव की शाखा में अपनी सेवा प्रदान की। विदाई समारोह में कादोगांव के शाखा प्रबंधक श्री सिंह ने इनके स्वभाव ग्राहकों के साथ इनका व्यवहार एवं कार्यशैली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्री दत्ता सरल, शांत, हंसमुख, मृदुभाषी एवं विनम्र स्वभाव के धनी हैं। वे अपने ग्राहकों के साथ वह अत्यंत ही व्यवहार कुशल रहे, सभी ग्राहकों के साथ इनका मित्रवत एवं सहयोगात्मक संबंध रहा। सभी ग्राहकगन इन्हें बहुत ही पसंद करते थे। अपने काम में यह दक्ष थे तथा उन्होंने कभी भी किसी को कोई शिकायत करने का मौका नहीं दिया। ऐसे कर्मचारी किसी भी संस्था के लिए संपद है जिसकी कमी सभी को हमेशा खलेगी। श्री दत्ता का एक और विशेष परिचय है जिसे जाने बगैर उन्हें जानना अधूरा रह जाएगा। अपने जिले में शतरंज खेल के भीष्म पितामह के रूप में इनका परिचय प्रतिष्ठित है। इन्होंने वर्ष 1996 में अपने जिले में जिला शतरंज संघ की स्थापना की। इच्छुक बच्चों को इस अंतरराष्ट्रीय रोचक दिमागी खेल को निशुल्क सिखाना विद्यालय, जिला एवं राज्यस्तरीय प्रतियोगिताएं आयोजित करना, सक्षम खिलाड़ियों को राज्य राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाना आदि है।हमें यह बताते हुए बेहद प्रसन्नता हो रही है कि इस कार्य में इन्होंने अचंभित करने वाली सफलता को प्राप्त किया है। इन्होंने अपने सहयोगी कमल कर्मकार एवं अन्य के सहयोग से अपने जिले में अब तक हजारों खिलाड़ी तैयार कर चुके हैं, जिनमें से कई दर्जन खिलाड़ी किशनगंज जिला एवं राज्य स्तर पर सफलता प्राप्त कर चुके हैं। कुछ खिलाड़ी तो राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान स्थापित कर पाने में सक्षम सिद्ध हुए हैं। आज अपने जिले में लगभग 40 अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी बनकर अपने जिले का नाम रोशन कर रहे हैं। खिलाड़ियों को तैयार करने एवं तराशने में इनके नेतृत्व में प्रत्येक वर्ष लगभग 200 नि:शुल्क शतरंज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया करते थे, साथ ही विद्यालयों से सहयोग प्राप्त कर पिछले 5 वर्षों से 2 दर्जन से अधिक विद्यालयों में इच्छुक विद्यार्थियों को इस खेल का नि:शुल्क प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया करते हैं। शतरंज खेल को जन- जन तक पहुंचाने के लिए वर्ष 2008 में तत्कालीन जिला पदाधिकारी के द्वारा इन्हें विशिष्ट नागरिक सम्मान भी प्रदान किया गया है। ऐसे व्यक्ति समाज के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं एवं दृष्टांत स्वरूप है।

संवाददाता सुबोध

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