November 28, 2020

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सुप्रीम कोर्ट का‌ बड़ा फैसला, टेलीकॉम कंपनियों को देनी होगी ऑफर की जानकारी

नयी दिल्ली:- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को टेलीकॉम रेगुलेटर TRAI (Telecom Regulatory Authority of India) की मांग के पक्ष में फैसला सुनाया है। टेलीकॉम रेगुलेटर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को उनके हर सेगमेंट के टैरिफ शुल्क और कुछ ग्राहकों के स्पेशल ऑफर की जानकारी मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट ने आज के फैसले में ट्राई की इस मांग को सही ठहराते हुए टेलीकॉम कंपनियों को जानकारी मुहैया कराने को कहा है।

टेलीकॉम कंपनियों को दिया निर्देश

तीन जजों के इस बेंच की अगुवाई चीफ जस्टिस एसए बोब्दे कर रहे हैं। उन्होंने अपने फैसले में कहा कि टेलीकॉम कंपनियों से जानकारी लेना TRAI के अधिकार क्षेत्र में है। सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि TRAI जो जानकारियां मांग रहा है वह पारदर्शिता के लिए जरूरी है और पहली नजर में यह गलत नहीं नजर आ रहा है। बेंच ने अपने फैसले में टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया कि वो रेगुलेटर को वो जानकारियां मुहैया कराएं वो जो मांग रहा है।

जानकारियां रखी जाएं गोपनीय

बेंच ने TRAI से कहा कि वह इस बात का खास खयाल रखे कि टेलीकॉम कंपनियां जो जानकारियां देंगी वो गोपनीय रखी जाएं। इन प्लान की जानकारियां किसी दूसरे को खासतौर पर प्रतिद्वंदी कंपनियों को ना हो। तीन जजों की बेंच ने इस मामले में अपना फैसला 27 अक्टूबर के लिए सुरक्षित रखा है। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा।

क्या है TRAI की डिमांड

टेलीकॉम रेगुलेटर TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों के लिए यह अनिवार्य कर दिया कि वह अपने स्पेशनल ऑफर्स की जानकारी देंगे लेकिन वोडाफोन-आइडिया और एयरटेल ने TRAI का यह फैसला मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद यह मामला टेलीकॉम डिस्प्यूट सेटलमेंट एंड अपीलीय ट्राइब्यूनल (TDSAT) पहुंचा। टेलीकॉम कंपनियों की दलील थी कि ये ऑफर प्लान टैरिफ प्लान नहीं है इसलिए इनकी जानकारी देने की मजबूरी नहीं है।
प्रतिद्ंवदी कंपनी जियो TRAI के फैसले को मान रही है। लिहाजा RIL की टेलीकॉम कंपनी ने रेगुलेटर से संपर्क करके वोडाफोन-आइडिया और एयरटेल के कुछ कस्टमर्स के खास प्लान को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। TDSAT ने वोडाफोन आइडिया और एयरटेल के पक्ष में फैसला सुनाया था। TDSAT ने कहा था कि ऑफर्स की जानकारी देने से गोपनीयता भंग होगी और इसका फायदा प्रतिद्वंदी कंपनियां उठा सकती हैं। TDSAT ने कहा कि TRAI के पास ऐसी जानकारी लेने का कोई अधिकार नहीं है। इसके बाद TRAI ने TDSAT के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

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