December 6, 2020

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सबकी सहभागिता से ही कुपोषण मुक्त होगा पलामूः उपायुक्त

पोषण अभिसरण समिति की बैठक संपन्न

मेदिनीनगर:- पलामू जिले में पोषण अभियान के सफल क्रियान्वयन को लेकर उपायुक्त शशि रंजन की अध्यक्षता में शुक्रवार को पोषण अभियान के अंतर्गत जिला अभिसरण समिति की बैठक आयोजित की गयी। समाहरणालय के सभागार में आयोजित इस बैठक में उपायुक्त द्वारा पोषण अभियान अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रमों का अनुश्रवण एवं समीक्षा की गयी।
इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में टेक होम राशन (टीएचआर) की सप्लाई को नियमित एवं अपडेट करते हुए प्रत्येक माह में वितरण कराने का निर्देश दिया।इसके अलावा उन्होंने शत प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्रों में टीएचआर की सप्लाई करने हेतु निर्देशित किया।
उन्होंने सीएसआर के तहत बन रहे मॉडल आंगनवाड़ी केंद्रों की जानकारी ली।इस दौरान बताया कि जिले में कार्यरत ग्रासिम एवं हिंडाल्को इंडस्ट्रीज को पांच-पांच मॉडल आंगन वाड़ी केंद्रों का नवीकरण किया जाना है।इस दौरान उपायुक्त ने लंबित केंद्रों को जल्द पूर्ण करने की बात कही।इसके अलावा उन्होंने मनरेगा द्वारा निर्माण कराए जा रहे आंगनवाड़ी केंद्रों की समीक्षा करते हुए अधूरे पड़े केंद्रों निर्माण में तेजी लाने की बात कही।इसी तरह उन्होंने न्यूट्रिगार्डन की भी समीक्षा की।इस दौरान बताया गया कि कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा सौ आंगनवाड़ी सेविका एवं जिले के सभी लेडिज सुपरवाइजर को मास्टर ट्रेनर के रूप में विकसित कर दिया गया है।वहीं पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चार आंगनवाड़ी केंद्र एवं सर्किट हाउस को विकसित किया गया है। इसके साथ ही अगले चरण में 131केंद्रों को विकसित किया जाना है।
बैठक में उपायुक्त ने सभी सीडीपीओ को निर्देश दिया कि अपने प्रखंड के सभी कुपोषित,अतिकुपोषित बच्चों को चिह्ति कर उन्हें सरकार द्वारा दी जाने वाली सभी सुविधाओं का लाभ ससमय देना सुनिश्चित करें।
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि पोषण अभियान में कन्वर्जेंस सबसे अहम प्रक्रिया जिसके जरिए कुपोषण मिटाने हेतु विभिन्न विभाग एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उद्देश्य है कि हर स्तर पर इन विभागों के प्रतिनिधियों का बेहतर समन्वय हो और साथ मिलकर पोषण अभियान को जन आंदोलन बनाकर मनाया जाय, जिससे घर घर पोषण का संदेश पहुंचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि पोषण अभियान कार्यक्रम के तहत बच्चों में विकास की कमी कुपोषण एनीमिया ना हो उसका विशेष ध्यान रखना है।उन्होंने एनीमिया और गंभीर कुपोषण को रोकने को लेकर लोगों को स्तनपान, मातृ पोषण और किशोर पोषण के संबंध में लोगों के बीच जागरूकता अभियान निरंतर चलाने की बात कही। उन्होंने कहा कि सबकी सहभागिता से ही जिले को कुपोषण मुक्त बनाया जा सकता है।
बैठक में उपायुक्त के अलावा उप विकास आयुक्त, सहायक समाहर्ता,ह पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता, नजारत उप समाहर्ता,जिला समाज कल्याण पदाधिकारी,जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी,जेएसएल पीएस के डीपीएम, समेत सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी उपस्थित थे।

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