November 27, 2020

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झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती का निधन

रांची:- झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती का निधन हो गया। वे काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। बेंगलुरू स्थित अस्पताल में आज उन्होंने अंतिम सांस ली।
बताया जा रहा है कि वे अपनी बीमारी का इलाज कराने के सिलसिले में बेंगलुरु गए हुए थे। इसी दौरान हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया। वे 1980 बैच के आइएएस अधिकारी थे। चारा घोटाला मामले में सजल चक्रवर्ती भी दोषी पाए गए थे ।संयुक्त बिहार के दौरान सजल चक्रवर्ती 1992 से 1995 के बीच चाईबासा के कलेक्टर थे।
इधर, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सजल चक्रवर्ती के निधन पर दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की है।
सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले के एक मामले में उन्हें दोषी करार देते हुए सजा भी सुनाई थी।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि राज्य के पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती के निधन का दुःखद समाचार मिला। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें।
पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती के निधन का दुःखद समाचार मिला है। श्री सजल चक्रवर्ती एक बेहतर और जिन्दादिल पदाधिकारी थे। ये झारखण्ड की बेहतरी के लिए सतत प्रयत्नशील रहे। ये अपने पद पर रहते हुए सभी लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुनकर समाधान करने की कोशिश करते थे एवम सभी के लिए सर्वसुलभ थे। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव पद पर रहते हुए भी इनका सीधे लोगों से जुड़ाव रहा। इनके असामयिक निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ । भगवान से प्रार्थना करते हैं कि इनकी आत्मा को श्री चरणों में स्थान दे एवम परिजनों को इस दुख की घड़ी को सहन करने की शक्ति दे।
इधर,कृषि मंत्री बादल ने भी पूर्व मुख्य सचिव सजल चक्रवर्ती के निधन पर झारखंड सरकार के कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल ने गहरा दुख प्रकट किया है, उन्होंने ईश्वर से कामना की है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें। बादल ने कहा कि बतौर अधिकारी उनसे कई बार हमारी मुलाकात हुई ,वह इतने सहज थे कि किसी भी कार्य को अभिलंब करते थे। आम आदमी के साथ उनका व्यवहार प्रेरणादाई रहा है, वही जानवरों के प्रति उनके स्नेह का अंदाजा इसी बात से लग जाता है कि इस कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने मुझसे कहा की इंसान के लिए तो सभी सोचते हैं पर हमें जानवरों के लिए भी सोचने की आवश्यकता है उन्होंने कहा कि बंदर, पशु, पक्षी, कुत्ता बिल्ली, गाय सहित जो भी जानवर सड़क पर घूमते हैं उन की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। इसके लिए विभाग को तुरंत निर्देश दिए और उसके बाद सजल को इस बात की फोन कर खुद जानकारी दी, कि उन्होंने विभाग को निर्देश दे दिया है, वह काफी खुश हुए। आज सजल दा हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन उनकी यादें हमेशा हमारे जेहन में रहेगी।

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