November 30, 2020

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भाजपा कार्यकर्ता मदन का शव 23 दिन बाद पुलिस ने परिवार को सौंपा

कोलकाता:- भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाए जाने के बाद आखिरकार कथित तौर पर पुलिस हिरासत में थर्ड डिग्री टॉर्चर की वजह से मारे गए भाजपा कार्यकर्ता मदन घोराई का शव 23 दिनों बाद परिवार को सौंपा गया है। शुक्रवार को प्रदेश भाजपा ने इसकी पुष्टि की। बताया गया है कि गुरुवार को बंगाल प्रशासन ने मदन घोराई का शव उनके परिवार को सौंपा है। यह तब किया गया जब परिजनों ने केंद्रीय गृहमंत्री से मुलाकात की थी और इस मामले में न्याय की गुहार लगाई थी। पूर्व मेदिनीपुर जिले के पटासपुर में गत 26 सितम्बर को मदन घोराई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। उसके बाद से ही वह जेल में बंद थे आरोप है कि उनकी इतनी पिटाई की गई थी कि जेल में ही 13 अक्टूबर को मदन की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस दावा कर रही थी कि हार्ट अटैक की वजह से उनकी मौत हुई है। बाद में यह भी दावा किया गया था कि उन्हें कोरोना हो गया था। इसीलिए शव को परिवार को नहीं सौंपा जाएगा। उन्हें कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां मौत के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए कोलकाता नगर निगम को सौंप दिया गया था। भारतीय जनता पार्टी ने इसके खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका लगाई थी और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की थी। कोर्ट ने भी शव का दोबारा पोस्टमार्टम करने का आदेश दिया था वह भी एसएसकेएम अस्पताल के बजाय आरजी कर अस्पताल में। बंगाल सरकार ने इसके खिलाफ खंडपीठ में याचिका लगा दी और दोबारा पोस्टमार्टम को कुछ देर के लिए स्थगित कर दिया गया था। इस बीच अब जबकि अमित शाह बंगाल दौरे पर पहुंचे हैं तो उन्होंने बुधवार रात को कोलकाता में पीड़ित के परिवार से मुलाकात की। घरवालों ने शव को सौंपने और इस मामले में न्याय के लिए सीबीआई जांच की मांग की थी। मुलाकात के बाद अमित शाह ने ट्विटर पर लिखा था, “शहीद बूथ उपाध्यक्ष मदन घोराई के परिवार से कोलकाता में मुलाकात की। इस बहादुर परिवार के सामने नतमस्तक हूं। पश्चिम बंगाल में दमन और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले कार्यकर्ताओं की बीजेपी हमेशा ऋणी रहेगी।” इसकी भनक लगते ही बंगाल पुलिस द्वारा गुरुवार को मदन घोराई का शव परिजनों को सौंप दिया गया।

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