December 3, 2020

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एक नयी सुबह का

90 लाख एसएमबी के लिए फेसबुक के नए संसाधन

नयी दिल्ली:- महामारी के कारण डिजिटल तकनीक को तेजी से अपनाया गया है और इसमें बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में, छोटे व्यापारों को अपना अस्तित्व बचाए रखने के साथ विकसित होने के लिए ऑफलाइन से ऑनलाइन होना महत्वपूर्ण हो गया है। सूक्ष्म एवं लघु व्यापारों के लिए महामारी से उभरने में लगने वाली मदद की ज़रूरत को स्वीकार करते हुए फेसबुक ने घोषणा की कि इस सफर को बाधारहित करने में सहायता के लिए उसने एक समर्पित ऑफलाइन से ऑनलाइन एसएमबी गाइड और अन्य नए संसाधनों की शुरुआत की है। भारत के लिए ऑफलाइन से ऑनलाइन एसएमबी गाइड मुफ्त है और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है लेकिन इसके साथ ही फेसबुक सक्रिय रूप से संपूर्ण देश में 90 लाख छोटे व्यापारों तक पहुँचने की कोशिश कर रहा है ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि यह उन व्यापारों तक पहुँचे जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। गाइड को इस तरह डिज़ाइन किया गया है जिससे छोटे से छोटे व्यापारों को तेज़ी से डिजिटल मौजूदगी का निर्माण करने और संभावित ग्राहकों तक ऑनलाइन पहुँचने के बारे में क्रमानुसार एक एक कदम की जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। इसमें फेसबुक, इन्स्टाग्राम और वॉट्सऐप समेत सभी प्रमुख विषयों को कवर किया जाता है जैसे ऑनलाइन मौजूदगी का निर्माण, मोबाइल के ज़रिए कहानी बताना, सोशल मीडिया एडवर्टाइज़िंग और क्रिएटिव और परफॉर्मेन्स रणनीतियाँ। विभिन्न भूभाग में बड़ी संख्या में व्यापारों को सहायता करने के लिए यह गाइड हिंदी और इसके साथ ही अंग्रेज़ी में भी उपलब्ध है। फेसबुक इंडिया की स्मॉल एंड मीडियम बिज़नेस डायरेक्टर अर्चना वोरा ने कहा, “फेसबुक छोटे व्यापारों की आर्थिक सेहत में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। इस चुनौतीपूर्ण समय में महामारी के कारण उनके परिचालन पर पड़े प्रभाव को हम समझते हैं। साथ ही हम यह भी समझते हैं कि ऐसे समय में उनके लिए डिजिटल बनना और नए ग्राहकों तक पहुंचना और लगातार प्रगति करना कितना मुश्किल है। हमारे नए संसाधन विभिन्न भौगोलिक स्थितियों में सबसे छोटे उद्योगों को न्यूनतम प्रयास के साथ ऑफलाइन से ऑनलाइन बढ़ने में मदद के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए हैं। हालांकि ऑफलाइन से ऑनलाइन एसएमबी गाइड सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है, फिर भी हम सक्रिय रूप से संपूर्ण भारत में 90 लाख छोटे व्यापारों तक भी पहुँच रहे हैं ताकि उन्हें समय से सहायता मिलना सुनिश्चित किया जा सके।” फेसबुक महामारी के दौरान छोटे व्यापारों के लिए योग्य कौशल विकास हेतु सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। नए व्यापारों को व्यापक बनाने के लिए फेसबुक द्वारा उसके प्रमुख कौशल और सिखाने के कार्यक्रम ’बूस्ट विद फेसबुक’ के अगले चरण का विस्तार किया जा रहा है। इस साल की शुरुआत में यह कार्यक्रम वर्चुअल तौर पर शुरू किया गया और अब इसे स्थानीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराया जा रहा है और इसे प्रमुख रूप से फेसबुक लाइव सेशन के ज़रिए डिलीवर किया जा रहा है। ‘बूस्ट विद फेसबुक’ के दौरान चर्चित प्रमुख विषय यह रहा कि किस प्रकार दिवाली और त्योहारों के मौसम के आगे छोटे व्यापारों के लिए निर्माण किया जा सकता है। त्योहारों के मौसम के दौरान विस्तृत सहायता उपलब्ध कराने के लिए फेसबुक ने ‘सीज़न ऑफ सपोर्ट’ की शुरुआत की है, जो व्यापार में वृद्धि के लिए और इस समय के दौरान छोटे व्यापारों के बिक्री हेतु एक समर्पित संसाधन है। यह संसाधन छोटे व्यापारों के लिए उनके वांछित लक्ष्यों तक पहुँचने हेतु फेसबुक की विशेषज्ञ टीम से सहायता प्राप्त करने और वैयक्तीकृत संसाधनों का उपयोग करने के लिए सक्षम बनाता है। दस मिनट की अवधि वाले फटाफट पाठ्यक्रम और ऑनलाइन मौजूदगी का निर्माण, आपके ग्राहकों को जोड़े रखने और बिक्री में वृद्धि जैसे विषयों पर गहरी जानकारी से युक्त आसान गाइड उपलब्ध कराई जाएगी ताकि व्यापारों को इस मौसम से मिले मौके का लाभ मिल सके। फेसबुक इंडिया ने छोटे व्‍यावसायों के लिए मार्च से टूल्‍स, संसाधनों और पहलों की श्रृंखला के अलावा इन संसाधनों को पेश किया है ताकि उन्‍हें महामारी से उभरने में मदद मिल सके। भारतीय एसएमबी के लिए इस महत्वपूर्ण दौर में निधि उपलब्ध कराने के लिए हाल ही में फेसबुक ने 43 लाख अमेरिकी डॉलर (32 करोड़ रुपए) की राशि की घोषणा की है। यह 30 देशों के लिए 100 मिलियन डॉलर के वैश्विक अनुदान का हिस्सा है। कोविड-19 से प्रभावित हुए छोटे व्यापारों की सहायता के लिए फेसबुक और इन्स्टाग्राम ने व्यापारों के लिए नई खोज आगे ले जाने और गिफ्ट कार्ड की बिक्री हेतु क्षमताओं की शुरुआत की है। ग्राहक फेसबुक और इन्स्टाग्राम पर गिफ्ट कार्ड की खोज कर सकते हैं और उन्हें थर्ड पार्टी प्लेटफॉर्म पर खरीद सकते हैं। छोटे व्यापारों के लिए प्रमुख फायदा यह है कि यह ज़्यादा संभावित ग्राहकों तक ऑनलाइन पहुँचने का एक रास्ता पेश करते हैं, जिससे नकद सहायता प्राप्त करने हेतु व्यापारों को सक्षम किया जा सकता है जब उन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रुरत है।

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